पटना से प्रह्लाद कुमार की रिपोर्ट
Bihar Flood: बिहार में अलग-अलग नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार राज्य के 15 जिलों पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बक्सर, समस्तीपुर, खगड़िया, बेगूसराय, दरभंगा, अररिया, पूर्णिया,मधेपुरा और कटिहार के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में 49.74 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है. सरकार की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं.
गंडक, कोसी और पुनपुन समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त सूचना के मुताबिक गंडक नदी मुजफ्फरपुर के डुमरिया घाट, कोसी खगड़िया के बलतारा और कुरसेला, जबकि गंगा गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर और कहलगांव में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. पुनपुन नदी श्रीपालपुर में और बागमती नदी बेनीबाद और सोनाखान में खतरे के निशान से ऊपर है.
राहत शिविरों में 11,508 बाढ़ पीड़ित
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए अलग-अलग जिलों में 843 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे है. इनके माध्यम से अब तक करीब 1.56 करोड़ लोगों को भोजन कराया गया है. इसके अलावा 13 राहत शिविर भी चल रहे हैं, जहां 11,508 बाढ़ शरणार्थियों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है.
4.30 लाख पॉलीथीन शीट और 79 हजार ड्राई राशन पैकेट बांटे
प्रभावित परिवारों के बीच करीब 4.30 लाख पॉलीथीन शीट, 79 हजार ड्राई राशन पैकेट और 1400 पशु पैकेट वितरित किए गए है. आवागमन और राहत कार्यों के लिए 1160 नावों का परिचालन हो रहा है. अब तक 16,820 क्विंटल पशुचारा भी वितरित किया गया है.
इतना दर्ज किया गया पानी
आपदा विभाग के अनुसार वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक का जल स्तर 88,300 क्यूसेक, वीरपुर बराज पर कोसी का 1,59,170 क्यूसेक और इंद्रपुरी बराज पर सोन का जलस्तर 69,913 क्यूसेक दर्ज किया गया. संभावित बाढ़ को देखते हुए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें अलग-अलग जिलों में तैनात की गई है.
