बाणसागर का पानी बना बिहार के लिए नई मुसीबत, सोन में 5.25 लाख क्यूसेक का रिकॉर्ड बहाव

बिहार में बाढ़ का संकट गहरा रहा है. सोन नदी में 5.25 लाख क्यूसेक का रिकॉर्ड बहाव दर्ज किया गया है, जिसके चलते इंद्रपुरी बैराज के सभी 69 गेट खोलने पड़े हैं. इससे कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.

Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का संकट अब और गहराता जा रहा है. गंगा, गंडक और कोसी के बढ़ते जलस्तर के बीच बाणसागर बांध से छोड़े गए पानी के बाद सोन नदी भी उफान पर है. सोन में जलप्रवाह 5.25 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया, जिसके बाद इंद्रपुरी बैराज के सभी 69 गेट खोलने पड़े. इससे रोहतास समेत भोजपुर, औरंगाबाद, अरवल और पटना के सोन तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.

सोन में 5.25 लाख क्यूसेक बहाव, 69 गेट खुले

गंगा, गंडक और कोसी के बिहार में बढ़ते जलस्तर के बाद अब सोन नदी ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण सोन नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिसके बाद बाणसागर बांध से पानी छोड़ा गया. इसके बिहार पहुंचते ही सोन नदी का जलप्रवाह तेजी से बढ़ गया. मंगलवार को नदी में इस साल का सबसे बड़ा बहाव दर्ज किया गया. रिपोर्टों के मुताबिक, सोन नदी में जलप्रवाह करीब 5.25 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया. बढ़ते दबाव को देखते हुए इंद्रपुरी बैराज के गेट लगातार खोले गए. पहले 56 गेट खोले जाने की जानकारी सामने आई, जबकि बाद में जलप्रवाह बढ़ने के कारण बैराज के सभी 69 गेट खोलने पड़े.


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बाणसागर से बिहार तक कैसे पहुंचता है पानी?

बाणसागर बांध सोन नदी पर बना है और यह मध्य प्रदेश के रीवा-शहडोल क्षेत्र में स्थित है. बांध के गेट खोले जाने के बाद पानी सोन नदी के जरिए मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ हिस्सों से होते हुए बिहार में प्रवेश करता है. बिहार में सोन नदी का सबसे बड़ा नियंत्रण केंद्र रोहतास जिले में स्थित इंद्रपुरी बैराज है. यहां से पानी आगे भोजपुर और पटना के मनेर क्षेत्र की ओर बढ़ता है और फिर गंगा नदी में मिल जाता है. यही वजह है कि बाणसागर से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने का सीधा असर दक्षिण और मध्य बिहार के सोन तटीय इलाकों में दिखाई देता है.


बिहार में बाढ़ का चौतरफा दबाव

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार में फिलहाल एक साथ कई जल स्रोतों का दबाव बना हुआ है. एक तरफ नेपाल में भारी बारिश और ग्लेशियल झीलों से पानी आने के कारण गंडक और कोसी नदियों का जलस्तर बढ़ा है. कई इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. इसी बीच गंगा का जलस्तर भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. अब बाणसागर से छोड़े गए पानी ने सोन नदी में अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है. यही वजह है कि राज्य के कई जिलों में बाढ़ की आशंका और बढ़ गई है. जल संसाधन विभाग स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर बनाए हुए है.

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By Rajeshkumar Ojha

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