Bihar Flood Alert: बिहार में मॉनसून एक्टिव है. रुक-रुककर जिलों में बारिश का दौर जारी है. लेकिन पड़ोसी देश नेपाल में तेज बारिश की वजह से बिहार में खतरा बढ़ गया है. मुजफ्फरपुर जिले में बागमती नदी उफन आई है. नदी का जलस्तर बढ़ने से अभी ही बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. लेकिन बिहार सरकार की ओर से पहले ही तैयारी तेज कर ली गई है.
संभावित बाढ़ से पहले सरकार की तैयारी
बिहार में संभावित बाढ़ को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देश पर बाढ़ आने पर अब तक सामुदायिक रसोई के संचालन करने के लिए टोटल 89 से अधिक जगहों को चिह्नित किया गया है, जहां अस्थायी रूप में बाढ़ शरण स्थल बनाया जाएगा. बाढ़ शरण स्थल ऊंचे स्थानों पर स्थित स्कूल भवन, पंचायत भवन या अन्य ऊंची जमीन आदि पर बनेंगे, ताकि बाढ़ पीड़ितों को यहां सुरक्षित रखा जा सके.
ये सभी भी होंगी व्यवस्थाएं
मोबाइल मेडिकल टीम और मेडिकल कैंप आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर सभी शरण स्थल पर मेडिकल कैंप के लिए डॉक्टर, पारामेडिकल स्टाफ रहेंगे. बड़े शरण स्थलों के लिए मेडिकल कैंप लगाए जायेंगे और बाकी शरण स्थलों के लिए मोबाइल मेडिकल टीम गठित की जायेगी. हर मोबाइल टीम के साथ दो या तीन शरण स्थल जुड़े रहेंगे. इसके लिए टीम की प्रतिनियुक्ति रहेगी.
बाढ़ पीड़ितों का होगा निबंधन
बाढ़ आश्रय स्थल, बाढ़ शरण स्थलों पर आने वाले बाढ़ पीड़ितों का निबंधन कराया जायेगा. इसके लिए सभी बाढ़ शरण स्थल पर रजिस्ट्रेशन और काउंटर खोले जायेंगे, जो निबंधन सह कंट्रोल रूम के रूप में काम करेगा. इन सभी स्थलों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, मेडिकल कैंप, नवजात शिशुओं के लिए टीकाकरण, प्रसव की व्यवस्था सहित 6 महीने से दो साल तक के बच्चों के लिए विशेष खाने की व्यवस्था की जायेगी.
