बिहार में बाढ़ से 270 करोड़ की फसलें बर्बाद, जानिए कितना दिया जाएगा किसानों को अनुदान

Bihar Flood Farmers Compensation: बिहार के कई जिलों में बाढ़ की वजह से गंभीर स्थिति देखने के लिए मिली. इससे किसानों के फसल का काफी नुकसान हुआ. ऐसे में अब तक के आकलन के अनुसार 270 करोड़ रुपये की फसल बर्बाद हो चुकी है. कृषि विभाग की ओर से एक रिपोर्ट जारी किया गया है.

Bihar Flood Farmers Compensation: बिहार में हर साल की तरह इस साल भी कई जिलों में बाढ़ की वजह से गंभीर स्थिति देखने के लिए मिली. लेकिन अब धीरे-धीरे पानी कम होने लगा है. इस बीच कृषि विभाग की ओर से एक रिपोर्ट जारी किया गया, जिसमें फसलों के नुकसान के बारे में बताया गया.

टोटल 18 जिलों की आई रिपोर्ट

जानकारी के मुताबिक, इस साल बाढ़ से लगभग 270 करोड़ रुपये की फसलें बर्बाद हुई हैं. कृषि विभाग ने 18 जिलों में फसल क्षति का रिपोर्ट जारी किया है. इसके साथ ही यह भी कहा गया कि जब बाढ़ का पानी पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, उसके बाद ही नुकसान का वास्तविक आकलन किया जा सकेगा. आशंका जताई जा रही है कि नुकसान का आंकड़ा बढ़ सकता है.

इन दो जिलों में सबसे ज्यादा नुकसान

कृषि विभाग की रिपोर्ट की माने तो, सबसे ज्यादा फसल का नुकसान भागलपुर और पटना में हुआ है. बिहार के 102 प्रखंडों में लगभग 1.76 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है. भागलपुर, भोजपुर, समस्तीपुर और बेगूसराय में 10 हजार हेक्टेयर से भी ज्यादा क्षेत्र में फसल लगी थी, जो बर्बाद हो चुकी है. अगस्त महीने में गंगा, पुनपुन, गंडक, सोन समेत कई नदियों में उफान देखा गया. इसे लेकर निचले और दियारा इलाके में पानी भर गया. इससे किसानों की फसलें बर्बाद हुईं.

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केंद्रीय मंत्री और सीएम किए थे निरीक्षण

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ दिन पहले ही बाढ़ से नुकसान का निरीक्षण किया था. केंद्र की एक टीम भी इस दौरान मौजूद थी. निरीक्षण के दौरान नुकसान का आकलन किया गया. केंद्रीय मंत्री ने कहा था, लोगों की सहायता की जाएगी.

किस फसल के लिए कितना दिया जाएगा अनुदान?

किसानों को मिलने वाले अनुदान के बारे में बताया गया कि 33 प्रतिशत से अधिक फसल की क्षति होने पर किसानों को अनुदान दिया जाता है. जानकारी के मुताबिक, सबसे अधिक धान, मक्का, सब्जी, केला आदि फसलों को नुकसान हुआ है. ऐसे में कृषि विभाग आकस्मिक फसल योजना के तहत अगात मटर, आगत सरसों और रबी मक्का का बीज प्रभावित किसानों को नि:शुल्क देगा.

इसके साथ ही आपदा राहत के प्रावधानों की माने तो, फसल नुकसान अगर असिंचित क्षेत्र में हुआ है तो प्रति हेक्टेयर 8500 मिलेंगे जबकि सिंचित क्षेत्र में क्षति पर 17 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा. बहुवर्षीय फसल के लिए 22 हजार 500 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा. गौर करने वाली बात यह है कि एक किसान को ज्यादा से ज्यादा दो हेक्टेयर के लिए अनुदान मिलता है. इस योजना की माने तो, सिंचित क्षेत्र के लिए कम से कम 2000 रुपये, असिंचित क्षेत्र के लिए कम से कम 1000 रुपये और बहुवर्षीय फसल के लिए न्यूनतम 2500 रुपये सहायता देने का अनुदान है.

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By प्रीति दयाल

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