बिहार के किसी भी कोने से महज साढ़े 3 घंटे में पहुंचेंगे पटना, बिछ रहा सड़कों का जाल, ये एक्सप्रेस-वे बदल देंगे सफर का अंदाज

Expressway In Bihar: बिहार में सड़कों का नेटवर्क तैयार हो रहा है. कई एक्सप्रेस-वे और हाई स्पीड कॉरिडोर बनने से सफर आसान होगा. सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक राज्य के किसी भी कोने से पटना महज साढ़े 3 घंटे में पहुंचा जा सके.

Expressway In Bihar: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को लेकर बदलाव होने जा रहा है. राज्य के पूरब-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण हिस्सों को जोड़ने के लिए कई एक्सप्रेस-वे और हाई स्पीड कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं.

सरकार का लक्ष्य है कि साल 2028 तक बिहार के किसी भी जिले से पटना पहुंचने में अधिकतम साढ़े 3 घंटे का समय लगे. वहीं, इस साल के अंत तक यह सफर 5 घंटे के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

इन परियोजनाओं पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं. सड़क निर्माण पर केंद्र सरकार करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये और राज्य सरकार करीब 35 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है.

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे से बदलेगी उत्तर बिहार की तस्वीर

उत्तर बिहार के लिए गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे बेहद अहम प्रोजेक्ट है. करीब 416 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगे.

नेपाल बॉर्डर के समानांतर बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे कई जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर करेगा. इससे लोगों का सफर आसान होगा और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा.

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे से घटेगा सफर का समय

अभी पटना से पूर्णिया जाने में 5 से 6 घंटे लगते हैं. पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे बनने के बाद यह समय काफी कम हो जाएगा.

282 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे से कोसी क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलेगा. कोसी नदी पर नया पुल बनने से पूर्णिया जैसे औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.

राम-जानकी मार्ग से बढ़ेगा पर्यटन और रोजगार

राम-जानकी मार्ग बिहार में पर्यटन को नई रफ्तार देगा. यह मार्ग धार्मिक स्थलों को जोड़ने के साथ स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा देगा. इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक संबंध भी मजबूत होंगे.

पटना-बेतिया रोड से कई जिलों को फायदा

पटना-बेतिया रोड बुद्ध सर्किट के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है. इसके बनने से सारण, सीवान, गोपालगंज, चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली जैसे जिलों के लोगों को पटना आने में आसानी होगी. यह सड़क उत्तर बिहार और पटना के बीच यात्रा को काफी आसान बनाएगी.

रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे से व्यापार को मिलेगी रफ्तार

रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे बिहार और नेपाल के लिए भी काफी अहम माना जा रहा है. इससे हल्दिया पोर्ट तक पहुंच आसान होगी. इस सड़क के बनने से सामान की ढुलाई तेज होगी और परिवहन लागत कम होगी. एक्सप्रेस-वे के किनारे नए उद्योग लगने की संभावना है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें

आमस-दरभंगा और वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे भी बदलेंगे रास्ते

आमस-दरभंगा हाई स्पीड कॉरिडोर उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच तेज कनेक्टिविटी देगा. इससे दरभंगा, सीतामढ़ी और समस्तीपुर जैसे जिलों से पटना, गया और कोलकाता जाना आसान होगा.

वहीं, वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस-वे से पुराने जीटी रोड पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा. यह कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जैसे जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे इन क्षेत्रों में विकास की रफ्तार बढ़ेगी.

सड़कें ही नहीं, बिहार की अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी नई रफ्तार

इन एक्सप्रेस-वे और हाई स्पीड कॉरिडोर से सिर्फ यात्रा आसान नहीं होगी, बल्कि माल ढुलाई और व्यापार में भी तेजी आएगी.

हल्दिया पोर्ट और कोलकाता से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से उद्योग और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. सरकार को उम्मीद है कि 2028 तक तेज सड़क नेटवर्क बिहार के विकास और रोजगार के लिए नई संभावनाओं के दरवाजे खोलेगा.

Also Read: बिहार के इन 6 जिलों में 44 भूखंडों पर होगा पत्थर खनन, ई-नीलामी के जरिए होगी बंदोबस्ती, सम्राट सरकार ने दी मंजूरी



प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >