बिहार में परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित, जस्टिस हरीश कुमार बने अध्यक्ष

Bihar Exam Reform: बिहार सरकार ने राज्य की प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में बड़े सुधार का ऐलान किया है. पटना हाईकोर्ट के जस्टिस हरीश कुमार की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है. यह समिति परीक्षा प्रक्रिया, पारदर्शिता और संचालन में सुधार के लिए सुझाव देगी.

Bihar Exam Reform: बिहार सरकार ने राज्य में होने वाली विभिन्न प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस हरीश कुमार को परीक्षा सुधार के लिए गठित होने वाली विशेषज्ञ समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. सरकार के इस फैसले के बाद राज्य में परीक्षा संचालन, पारदर्शिता और भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आने की उम्मीद है.

परीक्षा सुधार के लिए गठित होगी विशेषज्ञ समिति

सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना के मुताबिक राज्य सरकार के अधीन विभिन्न परीक्षा बोर्ड, आयोग, विश्वविद्यालय और अन्य भर्ती एजेंसियों की ओर से आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में व्यापक सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का प्रावधान किया गया है.

इसी प्रावधान के तहत अब पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस हरीश कुमार को इस विशेषज्ञ समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. समिति परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर सरकार को सुधार के संबंध में अपनी अनुशंसाएं देगी.

24 अगस्त को मांगा गया था प्रस्ताव

अधिसूचना में बताया गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक 15498, दिनांक 24 अगस्त 2026 के अनुरोध के आलोक में पटना हाईकोर्ट के महाप्रबंधक की ओर से पत्रांक 78985, दिनांक 28 अगस्त 2026 के माध्यम से जस्टिस हरीश कुमार को परीक्षा सुधार विशेषज्ञ समिति का अध्यक्ष बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा गया था.

प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद राज्य सरकार ने जस्टिस हरीश कुमार को विशेषज्ञ समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी.

23 अगस्त की अधिसूचना में किया गया था प्रावधान

नई अधिसूचना में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 23 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना संख्या 15441 की कंडिका-7 का भी उल्लेख किया गया है. इसी प्रावधान के तहत राज्य में परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने की व्यवस्था की गयी है.

अब समिति के अध्यक्ष के रूप में जस्टिस हरीश कुमार की नियुक्ति के बाद परीक्षा सुधार से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है.

किन परीक्षाओं की हो सकती है समीक्षा?

विशेषज्ञ समिति के दायरे में राज्य सरकार के अधीन आने वाले विभिन्न परीक्षा बोर्ड, आयोग, विश्वविद्यालय और अन्य भर्ती एजेंसियों की ओर से आयोजित की जाने वाली परीक्षाएं शामिल हो सकती हैं.

समिति परीक्षा आयोजन से लेकर प्रक्रिया, पारदर्शिता और परीक्षा संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार कर सकती है. इसके आधार पर सरकार को व्यापक परीक्षा सुधार के लिए सुझाव और अनुशंसाएं दिए जाने की उम्मीद है.

परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर

राज्य में समय-समय पर प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं को लेकर सामने आने वाली चुनौतियों के बीच सरकार का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विशेषज्ञ समिति की अनुशंसाओं के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं.

हालांकि, समिति की ओर से किन-किन बिंदुओं पर सुझाव दिए जाएंगे और सरकार उन अनुशंसाओं को किस तरह लागू करेगी, यह आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगा.

इन विभागों और संस्थानों को भेजी गयी अधिसूचना

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी अधिसूचना की प्रतिलिपि वित्त विभाग, महालेखाकार, सभी विभागों एवं विभागाध्यक्षों, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, पटना हाईकोर्ट के महाप्रबंधक समेत संबंधित अधिकारियों और संस्थानों को भेजी है.

इसके अलावा अधिसूचना की प्रतिलिपि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC), बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC), बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग और बिहार पुलिस सेवा आयोग समेत अन्य संबंधित संस्थानों को भी भेजी गयी है.

सामान्य प्रशासन विभाग के आईटी मैनेजर को अधिसूचना विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश भी दिया गया है.

क्या है सरकार का उद्देश्य?

विशेषज्ञ समिति के गठन और उसके अध्यक्ष के रूप में जस्टिस हरीश कुमार की नियुक्ति के बाद राज्य की प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा और उसमें सुधार की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है. इससे परीक्षा संचालन में पारदर्शिता बढ़ाने, प्रक्रिया को बेहतर बनाने और भर्ती परीक्षाओं को अधिक प्रभावी तरीके से आयोजित करने के लिए नए सुझाव सामने आ सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, प्रशासन, अपराध, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सरोकार और स्थानीय-क्षेत्रीय मुद्दों की गहरी समझ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वे तथ्यों की पुष्टि और विभिन्न स्रोतों से जानकारी का सत्यापन करने को प्राथमिकता देते हैं.

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पत्रकारिता के क्षेत्र में विवेक रंजन पाण्डेय का आठ वर्षों का अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी और डिजिटल मीडिया से की तथा विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए रिपोर्टिंग, डिजिटल कंटेंट लेखन, लाइव कवरेज, हेडलाइन लेखन, ब्रेकिंग न्यूज, फैक्ट चेकिंग में विशेषज्ञता हासिल की. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिहार से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों का लेखन और विश्लेषण कर रहे हैं.

शिक्षा

विवेक रंजन पाण्डेय ने आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की है. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, मीडिया एथिक्स, डिजिटल जर्नलिज्म और जनसंचार के विभिन्न आयामों का अध्ययन किया.

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