RJD के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी को कहा अलविदा, सादे कागज पर जाहिर की पीड़ा

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है. मीडिया रिपोर्टस में बताया जाता है कि उन्होंने सादे कागज पर इस्तीफा लिखकर पार्टी आलाकमान को भेज दिया है. इस्तीफा में उन्होंने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को संबोधित करते हुए अपनी बातों को लिखा है. रघुवंश प्रसाद सिंह ने लिखा है कि ‘जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद 32 वर्षों तक आपके पीछे-पीछे खड़ा रहा. लेकिन अब नहीं. पार्टी नेता कार्यकर्ता और आमजनों ने बड़ा स्नेह दिया. मुझे क्षमा करें.’

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 10, 2020 1:42 PM

पटना : राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है. समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने सादे कागज पर इस्तीफा लिखकर पार्टी आलाकमान को भेजा है. इस्तीफे में उन्होंने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को संबोधित करते हुए अपनी बातों को रखा है. रघुवंश प्रसाद सिंह ने लिखा है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद 32 वर्षों तक आपके पीछे-पीछे खड़ा रहा. लेकिन अब नहीं. पार्टी नेता कार्यकर्ता और आमजनों ने बड़ा स्नेह दिया. मुझे क्षमा करें.


रामा सिंह की एंट्री से रघुवंश प्रसाद नाराज

माना जाता है कि रघुवंश प्रसाद सिंह राजद में रामा सिंह की एंट्री को लेकर पार्टी से नाराज चल रहे थे. पहले भी उन्होंने इसका विरोध किया था. बाद में सारा मामला शांत होता दिख रहा था. आखिरकार रघुवंश प्रसाद सिंह ने राजद से इस्तीफा से दे दिया है. बताते चलें कि रघुवंश प्रसाद सिंह की तबीयत दोबारा बिगड़ गयी थी. इसके बाद उन्हें दिल्ली के एम्स के आईसीयू में एडमिट कराया गया है. अभी एम्स में ही उनका इलाज चल रहा है. इसी बीच रघुवंश प्रसाद सिंह ने राजद इस्तीफा दे दिया है. बिहार में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के ठीक पहले उनका इस्तीफा राजद के लिए किसी झटके से कम नहीं है.

इस्तीफे के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल  

रघुवंश प्रसाद सिंह के राजद से इस्तीफे के बाद राजनीति भी शुरू हो गई है. जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने रघुवंश बाबू के इस्तीफे पर राजद को घेरा है. उन्होंने कहा है कि उनका इस्तीफा राजद की ताबूत में आखिरी कील साबित होगा. राजद में रघुवंश बाबू का दम घुट रहा था. आखिरकार उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. उनका फैसला स्वागतयोग्य है. बड़ी बात यह है कि रघुवंश प्रसाद सिंह बिहार की राजनीति में रघुवंश बाबू के नाम से प्रसिद्ध हैं. उनका राजनीतिक करियर काफी पुराना है और बिहार की जनता पर उनकी काफी पकड़ रही है. अब उनके इस्तीफे से राजद में एक बड़ा खालीपन आ चुका है.

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