Bihar Election: मोकामा से सीवान तक… फिर गूंजा बाहुबल! चुनावी मैदान में 8 परिवार, नई पीढ़ी संभालेगी सियासी विरासत

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बाहुबल और परिवारिक राजनीति फिर हावी है. करीब दर्जनभर सीटों पर बाहुबली नेता या उनके परिजन मैदान में हैं. मोकामा से लेकर सीवान तक वही पुराने नाम, बस चेहरे बदल गए, अगली पीढ़ी कमान संभाले है. पढे़ं पूरी खबर…

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एक बार फिर पुराने चेहरे और पुरानी कहानियां लौट आई हैं. राजनीति के मैदान में फिर से वही बाहुबली नेता और उनके परिजन डटे हुए हैं, जो कभी सियासत के साथ-साथ अपराध के लिए भी चर्चित रहे हैं. सूबे की करीब 10 से 12 सीटों पर या तो खुद बाहुबली नेता मैदान में हैं या फिर उनकी विरासत को आगे बढ़ाने उनके बेटे, भाई या पत्नियां उतर चुकी हैं. यह नजारा बताता है कि बिहार की राजनीति में आज भी “बाहुबल परिवार” का प्रभाव कम नहीं हुआ है, बस चेहरों की जगह अब अगली पीढ़ी ने ले ली है.

प्रमुख बाहुबली परिवार चुनावी मैदान में…

1. अनंत सिंह परिवार (मोकामा, पटना):

जेडीयू ने बाहुबली अनंत सिंह को मोकामा से टिकट दिया है. यह वही सीट है जिसे 2020 के उपचुनाव में आरजेडी की ओर से अनंत सिंह के सहयोगी ने जीता था. मोकामा की राजनीति एक तरह से “अनंत बनाम सूरजभान परिवार” की परंपरागत जंग बन गई है.​​

2. सूरजभान सिंह परिवार (मोकामा):

पूर्व बाहुबली सांसद सूरजभान सिंह इस बार खुद निर्वाचन में नहीं हैं, लेकिन उनकी पत्नी वीणा देवी आरजेडी टिकट पर मैदान में हैं. दिलचस्प है कि उनकी टक्कर अनंत सिंह से मानी जा रही है, जिससे एक बार फिर “मोकामा की बाहुबल बनाम बाहुबल” वाली लड़ाई देखने को मिलेगी.​​

3. आनंद मोहन परिवार (नवीनगर क्षेत्र):

पूर्व राजद सांसद और “राजपूत बाहुबली” कहे जाने वाले आनंद मोहन भले ही आजीवन कारावास के बाद राजनीति से दूर हैं, लेकिन उनके बेटे चेतन आनंद आरजेडी की टिकट से 2025 में नवीनगर से चुनाव लड़ रहे हैं. आनंद मोहन की समाजिक पकड़ अभी भी कोसी और सीमांचल इलाके में मजबूत मानी जाती है.​​

4. अशोक महतों का परिवार (वारिसलीगंज सीट):

तेजस्वी यादव ने एक बार फिर अनीता देवी, बाहुबली अशोक महतो की पत्नी, को आरजेडी से टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा है. उनका मुकाबला भाजपा की अरुणा देवी से है, जो स्वर्गीय अखिलेश सिंह (दूसरे बाहुबली) की पत्नी हैं. यह “दो बाहुबलियों की पत्नियों” के बीच की टक्कर सबसे चर्चित मानी जा रही है.​

5. मुन्ना शुक्ला परिवार (लालगंज, वैशाली):

पूर्व बाहुबली विधायक मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला वैशाली जिले के  लालगंज सीट से चुनावी मैदान में हैं. यह सीट लंबे समय से शुक्ला परिवार की राजनीतिक पैठ मानी जाती है.​

6. शहाबुद्दीन परिवार (रघुनाथपुर सीट):

दिवंगत राजद बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब इस बार रघुनाथपुर सीट से आरजेडी के उम्मीदवार हैं. वे लंदन से कानून की पढ़ाई के बाद बिहार लौटे हैं और सीवान में पिता की विरासत को जीवित रखते हुए प्रचार में जुटे हैं.​​

7. राजवल्लभ यादव परिवार (नवादा):

आरजेडी के पूर्व मंत्री राजवल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी फिर से नवादा से चुनावी मैदान में हैं. उनकी पहचान “बाहुबली की बीवी” के रूप में बनी हुई है.

8. सुनील पांडे परिवार (तरारी सीट):

पूर्व जदयू विधायक सुनील पांडे के बेटे विशाल प्रशांत तरारी सीट से उम्मीदवार हैं. वे मगध क्षेत्र के युवा राजनीतिक चेहरों में गिने जाते हैं.

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By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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