Bihar E Mapi: बिहार में जमीन की इ-मापी को लेकर बड़ी संख्या में लंबित मामलों को देखते हुए सरकार ने इसके समाधान की दिशा में व्यापक पहल शुरू कर दी है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के ताजा निर्णय में अब सरकारी अमीनों की डेपुटेशन पर तैनाती करके इसमें तेजी लायी जायेगी. इसके तहत इ-मापी के लिए कम और अधिक आवेदन वाले अंचलों की पहचान की जायेगी.
मंत्री ने क्या निर्देश दिया
इ-मापी के कम आवेदन वाले अंचलों से अमीनों को फुर्सत मिलते ही उनका डेपुटेशन इ-मापी के लिए अधिक आवेदन वाले अंचलों में कर दिया जायेगा. विभाग का मानना है कि इससे इ-मापी के आवेदनों के समाधान में तेजी आयेगी. राज्य में राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान इ-मापी के लंबित आवेदनों की जानकारी मिलने पर विभाग के मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने भी इसके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक पहल करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया है.
सूत्रों के अनुसार, राज्य में इ-मापी के करीब 45 हजार मामले लंबित हैं. इन सभी का समाधान तय समय-सीमा में नहीं हुआ है. कई जिलों में लोगों को अपनी जमीन की मापी के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है. इसे देखते हुए विभाग ने प्रशिक्षित अमीनों को सेवा में लेने की भी योजना बनायी है. इससे तय समय में इ-मापी का काम पूरा किया जा सकेगा.
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आउटसोर्सिंग से करने की तैयारी शुरू
ऐसे प्रशिक्षित अमीनों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग से करने की तैयारी शुरू हो चुकी है. दरअसल जमीन मापी से जुड़े मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. ऐसे में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इ-मापी का तय समय में समाधान और लंबित मामलों को जल्द से जल्द निबटारे के लिए तैयारी तेज कर दी है. इसका मकसद जमीन विवादों का तेजी से समाधान करना भी है.
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