विजय चौधरी बने डिप्टी CM, बदलते सियासी समीकरणों में निभाएंगे बड़ी भूमिका

Bihar Deputy CM Oath: बिहार की राजनीति में आज एक अहम मोड़ देखने को मिल रहा है. वरिष्ठ जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी डिप्टी सीएम पद की शपथ लिया. पटना में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह पर सभी की नजरें टिकी हैं.

Bihar Deputy CM Oath: बिहार की राजनीति में आज एक नया सूरज उग रहा है. एक तरफ भारतीय जनता पार्टी के सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सिपहसालार विजय कुमार चौधरी ने डिप्टी सीएम के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत की है.

पटना के सियासी गलियारों में यह चर्चा आम है कि नीतीश कुमार ने भले ही सत्ता की कमान बीजेपी को सौंपी हो, लेकिन सरकार की स्थिरता और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए उन्होंने अपने सबसे अनुभवी योद्धा को मैदान में उतारा है.

नीतीश के संकटमोचक को मिली बड़ी जिम्मेदारी

विजय कुमार चौधरी का डिप्टी सीएम बनना केवल एक पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि उनके दशकों के राजनीतिक धैर्य का ईनाम माना जा रहा है. शपथ ग्रहण समारोह से पहले मीडिया से मुखातिब होते हुए चौधरी भावुक नजर आए. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी पूरी राजनीति नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द रही है और आज उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिली है, वह उनके नेता के अटूट विश्वास का नतीजा है.

बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके विजय चौधरी को प्रशासन का मैजिशियन कहा जाता है, जो जटिल से जटिल फाइलों और विवादों को सुलझाने में माहिर हैं.

अनुभव की ढाल और विकास की नई रफ्तार

नई सरकार में विजय कुमार चौधरी की भूमिका एक सेतु की तरह होगी, जो बीजेपी के आक्रामक नेतृत्व और जेडीयू के जमीनी विकास कार्यों के बीच तालमेल बिठाएंगे. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी के पास ऊर्जा है, तो विजय चौधरी के पास अनुभव का खजाना.

उनके डिप्टी सीएम बनने से यह साफ संदेश गया है कि एनडीए सरकार में शिक्षा, वित्त और बुनियादी ढांचे जैसे अहम क्षेत्रों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा. चौधरी ने साफ किया कि सरकार भले ही नए स्वरूप में है, लेकिन प्राथमिकताएं वही पुरानी न्याय के साथ विकास ही रहेंगी.

सत्ता के शीर्ष पर वफादारी की जीत

इस शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में डबल इंजन की सरकार का एक नया वर्जन देखने को मिल रहा है. विजय कुमार चौधरी ने उन कयासों पर भी विराम लगा दिया जिसमें कहा जा रहा था कि जेडीयू अब बैकफुट पर है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार का मार्गदर्शन ही इस सरकार की असली शक्ति है. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विजय चौधरी अपने विशाल अनुभव के दम पर बिहार के विकास को कितनी नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं और विपक्ष के तीखे हमलों के बीच सरकार के लिए कितने मजबूत सुरक्षा कवच साबित होते हैं.

बिहार की सियासत में यह बदलाव केवल पदों का फेरबदल नहीं, बल्कि भरोसे, अनुभव और रणनीति का संगम है जहां विजय कुमार चौधरी एक अहम कड़ी के रूप में उभर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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