Bihar News: बिहार में पत्थर खनन को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है. सम्राट चौधरी सरकार ने राज्य के छह जिलों में 44 भूखंडों पर पत्थर खनन की मंजूरी दे दी है. इससे राज्य में पत्थर की उपलब्धता बढ़ेगी और निर्माण कार्यों की लागत कम होने की उम्मीद है.
मंजूरी मिलने वाले जिलों में नवादा, शेखपुरा, गया, रोहतास, औरंगाबाद और बांका शामिल हैं. इनमें सबसे ज्यादा 17 भूखंड नवादा जिले में हैं. वहीं शेखपुरा में 10, गया में 9, रोहतास में 4, औरंगाबाद में 3 और बांका में 1 भूखंड पर खनन होगा.
पर्यावरण विभाग से मिली हरी झंडी
जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन (DSR) की रिपोर्ट के आधार पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और कला संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने इन भूखंडों पर खनन के लिए अनापत्ति दे दी है. इसके बाद खान एवं भूतत्व विभाग ने खनन पट्टों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
ई-नीलामी से होगी खदानों की बंदोबस्ती
सरकार ने खनन पट्टों की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल रखने का फैसला किया है. सभी भूखंडों की बंदोबस्ती केंद्र सरकार की एजेंसी MSTC के पोर्टल पर ई-नीलामी के जरिए की जाएगी. इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और योग्य कंपनियां इसमें हिस्सा ले सकेंगी. सरकार को खनन से बेहतर राजस्व मिलने की भी उम्मीद है.
पत्थर की कीमतों में आ सकती है कमी
खान एवं भूतत्व विभाग के अनुसार, राज्य में पत्थर उत्पादन बढ़ने से बाहर के राज्यों से पत्थर मंगाने की जरूरत कम होगी.
अभी दूसरे राज्यों से आने वाले पत्थरों पर परिवहन खर्च और अन्य शुल्क लगता है. स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ने से लोगों को सस्ते पत्थर मिल सकते हैं. साथ ही सरकारी निर्माण योजनाओं की लागत भी कम हो सकती है.
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नवादा के 8 खनन पट्टों की निकली निविदा
विभाग के मुताबिक, नवादा के आठ खनन पट्टों के लिए निविदा जारी कर दी गई है. बाकी भूखंडों की निविदा प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी. फिलहाल राज्य में सिर्फ शेखपुरा और नवादा में दो पत्थर खदानें सक्रिय हैं.
इन इलाकों में होंगे पत्थर खनन
गया: गोरे, जगरनाथपुर, मिर्जापुर, कोशमा
बांका: शंभूगंज/पहाड़ी
शेखपुरा: मटोखर, सुरदासपुर, जमुआरा, नीरपुर
नवादा: भदोखरा, पहरेठ, टुंगी, महिमन दीघा, खखटुआ
सरकार का मानना है कि नए खनन भूखंडों से राज्य में पत्थर की आपूर्ति बेहतर होगी. इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ सरकार के राजस्व में भी इजाफा होगा.
