Bihar 211 New Government Degree Colleges: बिहार के सभी 211 नए डिग्री कॉलेजों की इमारतें अब एक ही स्टैंडर्ड डिजाइन पर तैयार की जाएंगी. सरकार के इस फैसले से निर्माण कार्य में तेजी आएगी. इन नए भवनों में छात्रों के लिए स्मार्ट क्लासरूम, नई तकनीक वाली लैब, बड़ी लाइब्रेरी, प्रशासनिक कार्यालय और स्टाफ रूम बनाए जाएंगे.
हर कॉलेज के निर्माण पर खर्च होंगे 5 करोड़ रुपये
सरकार ने हर कॉलेज बिल्डिंग के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है. उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल के अनुसार, इस राशि से कॉलेज कैंपस को पूरी तरह आधुनिक और छात्र-अनुकूल बनाया जाएगा ताकि ग्रामीण इलाकों के बच्चों को भी शहरों जैसी शिक्षा मिल सके.
15 अगस्त तक जमीन की रिपोर्ट सौंपने का आदेश
कॉलेज भवनों के लिए जमीन तलाशने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है. सभी DM को निर्देश दिया गया है कि वे 15 अगस्त तक अपने-अपने जिलों में जमीन की उपलब्धता की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंप दें. इसके लिए हर ब्लॉक मुख्यालय के पास ढाई से पांच एकड़ जमीन चिह्नित करने को कहा गया है. दो दर्जन से ज्यादा जिलों से जमीन मिलने की शुरुआती जानकारी आ चुकी है.
ब्लॉक मुख्यालय के पास बनेगी बिल्डिंग
छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने साफ किया है कि ये कॉलेज भवन प्रखंड मुख्यालयों के आसपास ही बनाए जाएं. सुनसान इलाकों में कॉलेज बनाने से बचा जाएगा. जैसे ही जिले से जमीन फाइनल होने की हरी झंडी मिलेगी, उच्च शिक्षा विभाग आगे की निर्माण प्रक्रिया शुरू कर देगा.
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जमीन दान करने वालों के नाम पर रखा जाएगा कॉलेज का नाम
इस योजना में जनता की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने एक अनोखा फैसला लिया है. अगर कोई व्यक्ति नए डिग्री कॉलेज के लिए अपनी जमीन दान में देता है, तो उस कॉलेज का नामकरण उस दानदाता या उनके बताए गए किसी व्यक्ति के नाम पर किया जाएगा.
शिक्षा विभाग ने इस पूरी योजना के लिए एक डेडलाइन तय कर दी है. विभाग का लक्ष्य है कि साल 2027 के जुलाई सत्र से सभी नए डिग्री कॉलेजों की क्लासेस उनके अपने नए और पक्के भवनों में शिफ्ट हो जाएं. काम समय पर पूरा हो, इसके लिए निर्माण का जिम्मा राज्य सरकार की कई अलग-अलग एजेंसियों को सौंपा जाएगा.
