Bihar Sugar Mill: भोजपुर जिले के किसानों और युवाओं के लिए एक खुशखबरी है. बिहिया ब्लॉक के महथीन माई मंदिर के पीछे करीब 100 एकड़ बंजर जमीन पर नई चीनी मिल लगाने की तैयारी शुरू हो गई है. डीएम तनय सुल्तानिया ने इस जगह का चयन कर सरकार को अपनी रिपोर्ट भेज दी है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो अगले साल से मिल का निर्माण शुरू हो जाएगा. यह कदम बिहार सरकार के सात निश्चय-3 अभियान का हिस्सा है. इसका मकसद राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है.
लौटेगा सुनहरा दौर
इस चीनी मिल के शुरू होने से भोजपुर में खेती का पुराना सुनहरा दौर वापस लौट सकता है. कभी यहां 40 हजार एकड़ में गन्ने की पैदावार होती थी, जो बिहटा चीनी मिल के बंद होने के बाद खत्म हो गई थी. अब प्रशासन का अनुमान है कि नई मिल खुलने से न केवल वह पुराना रकबा वापस आएगा, बल्कि गन्ने की खेती 80 हजार एकड़ तक पहुंच सकती है. वर्तमान में जो किसान पारंपरिक खेती से एक बीघे में 18 से 25 हजार रुपये कमाते हैं. गन्ना उगाने पर उनकी यह कमाई दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती है.
स्पेशल टास्क फोर्स भी बनाई गई
इस चीनी मिल के चालू होने से इलाके के लगभग 2000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से काम मिलेगा. 2006 में भी ऐसी कोशिश हुई थी, लेकिन तब बात आगे नहीं बढ़ पाई थी. इस बार सरकार और प्रशासन दोनों गंभीर हैं और इसके लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स भी बनाई गई है. बिहिया के साथ-साथ कोइलवर, संदेश, शाहपुर और उदवंतनगर प्रखंड के किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा. इन्हें अब गन्ना बेचने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.
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बदलेगी जिले की तस्वीर
फिलहाल भोजपुर के किसान महज 35 एकड़ में गन्ने की खेती कर रहे हैं और बाजार न होने के कारण गुड़ बनाकर बेचने को मजबूर हैं. नई चीनी मिल के आने से उन्हें न सिर्फ बेहतर दाम मिलेंगे, बल्कि खेती के आधुनिक संसाधन भी उपलब्ध होंगे. वर्षों से बंजर पड़ी जमीन पर मिल का खड़ा होना पूरे जिले की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल देगा.
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