तीसरे दिन भी नहीं मिला डॉक्टर का सुराग, मातम

आरा/सरैंया : बड़हरा प्रखंड अंतर्गत सिन्हा ओपी क्षेत्र पर महुली-खवासपुर गंगा घाट के बीच 32 नंबर के पीपा के पास से पीपा पुल से आत्महत्या करने के उद्देश्य से गंगा नदी में छलांग लगानेवाले डॉक्टर संजीत कुमार केसरी का सुराग तीसरे दिन भी नहीं मिला, जिससे परिवार के लोगों में असंतोष व्याप्त है. राज्य आपदा […]

आरा/सरैंया : बड़हरा प्रखंड अंतर्गत सिन्हा ओपी क्षेत्र पर महुली-खवासपुर गंगा घाट के बीच 32 नंबर के पीपा के पास से पीपा पुल से आत्महत्या करने के उद्देश्य से गंगा नदी में छलांग लगानेवाले डॉक्टर संजीत कुमार केसरी का सुराग तीसरे दिन भी नहीं मिला, जिससे परिवार के लोगों में असंतोष व्याप्त है. राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम मंगलवार को तीसरे दिन भी गंगा नदी में खोज जारी रखी.

एसडीआरएफ की दो टिमें मंगलवार के दिन लगभग सात घंटे तक पीपा पुल से लेकर बबुरा फोरलेन वीर कुंवर सिंह पुल तक खोज की. गंगा नदी के किनारे झाड़ियों में भी डॉक्टर की खोजबीन की गयी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने के एसडीआरएफ के टीम निराश हो अपने गंतव्य स्थल पर चली गयी.
आपदा मोचन बल के अवर निरीक्षक विजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कथित डॉक्टर की घटना गंगा नदी में छलांग लगाते हुए किसी ने नहीं देखा है. पीपापुल पर खड़ी डॉक्टर की बाइक पर गंगा नदी में कूदकर आत्म हत्या करने का संदेह प्रकट किया जा रहा है.
अगर डॉक्टर नदी में कूदा होता, तो उसका शव जरूर मिल जाता. सटे गंगा नदी में कूदने कर आत्महत्या करने की संभावना कम लग रही है. पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इस घटना की अनुसंधान में जुट गयी है. ओपी प्रभारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बहुत जल्द ही घटित आत्महत्या की घटना को पर्दाफाश कर दिया जायेगा. हालांकि घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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