योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर, बच्चों को स्वस्थ व अनुशासित जीवन की राह दिखा रहा प्राणायाम

Bhagalpur News : मोबाइल और स्क्रीन की बढ़ती दुनिया में बच्चों को स्वस्थ, अनुशासित और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम योग बन रहा है. भागलपुर में आयोजित आठ दिवसीय बाल योग प्रशिक्षण शिविर के समापन पर विशेषज्ञों ने बच्चों को योग अपनाने का संदेश दिया.

भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट

Bhagalpur News : भागलपुर में श्री मारवाड़ी व्यायामशाला द्वारा आयोजित आठ दिवसीय बाल योग प्रशिक्षण शिविर का रविवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ. इस अवसर पर वक्ताओं ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए बच्चों से नियमित योगाभ्यास करने की अपील की. कार्यक्रम में शामिल गणमान्य लोगों ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में योग ही बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी साधन है.

बच्चों को स्क्रीन से निकालकर खेल और योग की ओर लाने की जरूरत

समापन समारोह को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी लक्ष्मीनारायण डोकानिया एवं पूर्व कुलपति प्रो. पवन पोद्दार ने कहा कि बच्चे मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर अत्यधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, जिसका असर उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि बच्चों को खेलकूद और योग जैसी सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है.

योग गुरु ने 70 बच्चों को सिखाये योग के गुर

बिहार स्कूल ऑफ योग, मुंगेर से प्रशिक्षित योग गुरु गोपालकृष्ण डोकानिया ने शिविर के दौरान 70 बच्चों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया. छह से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, कटि चक्रासन, मार्जरी आसन, भुजंगासन, वृक्षासन, सूर्य नमस्कार और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया.उन्होंने बच्चों को प्रतिदिन सुबह योग करने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास शरीर को स्वस्थ और मन को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

योग से बढ़ती है एकाग्रता और आत्मविश्वास

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित बनाने की एक संपूर्ण प्रक्रिया है. श्री गौशाला के पदाधिकारी सत्यनारायण पोद्दार एवं चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष श्रवण बाजोरिया ने कहा कि बच्चों और युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है.मारवाड़ी व्यायामशाला के युवा प्रशिक्षक आशीष सराफ ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने में मददगार साबित होते हैं.

मानसिक तनाव दूर करने में भी कारगर है योग

योग प्रशिक्षिका रश्मि केडिया ने बच्चों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराते हुए बताया कि नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ और मन शांत रहता है. उन्होंने कहा कि योग मानसिक एकाग्रता बढ़ाने, तनाव कम करने और व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है.

नियमित योग का लिया संकल्प

शिविर के समापन अवसर पर बच्चों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया और नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया. कार्यक्रम में नंदू पोद्दार, संजय नारनोली, प्रदीप जालान, रमण साह, मनीष बुचासिया, रंजीत झुनझुनवाला, राजकुमार सोनी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

स्वस्थ भविष्य की नींव है योग

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बचपन से ही योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए तो बच्चों का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास बेहतर ढंग से हो सकता है. यही कारण है कि योग को स्वस्थ और सफल जीवन की मजबूत नींव माना जाता है.

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लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR SINH

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