अंडरपास निर्माण का कार्य तय समय से डेढ़ साल चल रहा पीछेवरीय संवाददाता, भागलपुरकृषि विश्वविद्यालय, सबौर के दो परिसरों को जोड़ने के लिए बन रहे सब-वे का काम तय समय से पीछे चल रहा है. अब तक इसे पूरा हो जाना चाहिए था. स्थिति यह है कि अवधि विस्तार मिलने के बाद काम बंद है. एक तो रेलवे से डिजाइन को स्वीकृति नहीं मिली है. एनओसी की प्रतीक्षा पिछले साल से हो रही है. इधर, सब-वे का काम रेलवे के हिस्से को छोड़ कर चल भी रहा था तो वह भी बकरीद की छुट्टी पर कामगारों के जाने से बंद पड़ गया है. अंडरपास में पानी भर गया है. यानी, सब-वे का काम ठप है. एनएच-80 और रेलवे की जमीन के नीचे से गुजरने वाले 550 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा अंडरपास के निर्माण में 36 करोड़ 35 लाख 08 हजार 182 रुपये खर्च हो रहे हैं. अंडरपास का ठेका रांची की एजेंसी को मिला है. पुल निर्माण निगम से 14 दिसंबर 2020 को निर्माण कार्य शुरू करने संबंधी आदेश निर्गत कर दिया गया था, लेकिन शुरूआत के दिनों में ही देरी से काम शुरू हुआ था. इसको शुरू होने में एक महीने की देरी हुई थी और अभी काम तय समय से डेढ़ साल पीछे चला रहा है. इस काम काम पूरा करने का समय 30 महीना निर्धारित था. एजेंसी के लिए पहले साल में 17.48 करोड़ और दूसरे साल 19.25 करोड़ रुपये निर्माण में खर्च करना अनिवार्य किया गया था.
अंडरपास बनने के रेलवे क्रॉसिंग पार करने की आवश्यकता नहीं होगी
अंडरपास से ही कृषि विश्वविद्यालय से प्रशासनिक भवन तक लोग आ जा सकेंगे. अंडरपास बनने के बाद रेलवे क्रॉसिंग को पार करने की आवश्यकता नहीं होगी. सरकार की इस योजना से आसपास के लोगों को भी लाभ मिलेगा. विवि के प्रक्षेत्र में काम करने के लिए जाने वाले मजदूरों को भी रेलवे गुमटी और एनएच 80 को पार करने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा. बता दें कि अभी अंडरपास की सुविधा नहीं होने से लोगों को आवासीय परिसर से विवि पहुंचने के लिए घंटों रेलवे गुमटी बंद होने से परेशानी झेलनी पड़ती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
