Bhagalpur Weather: भागलपुर में अगस्त के आखिरी दिनों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 28 अगस्त से 2 सितंबर तक दक्षिण बिहार के कई जिलों में मौसम बदला हुआ रह सकता है. इस दौरान आसमान में घने बादल छाये रहने के साथ एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा चल सकती है और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है.
हालांकि किसानों और आम लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी यह है कि जमुई, नवादा, बांका और भागलपुर में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और खेतों में काम कर रहे किसानों को मौसम पर नजर रखने की जरूरत होगी.
मौसम के इस बदलाव का असर सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं रहेगा. बारिश, हवा और उमस का सीधा असर खेती, आवागमन और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ सकता है.
भागलपुर-बांका समेत इन जिलों में बढ़ सकती है बारिश की गतिविधि
28 अगस्त से 2 सितंबर के बीच दक्षिण बिहार के जिलों में बादल छाये रहने की संभावना जतायी गयी है. कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा चल सकती है. इसके साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है.
भागलपुर, बांका, जमुई और नवादा में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर विशेष सावधानी जरूरी होगी.
खासकर खेतों में खड़ी फसलों और निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा. जिन क्षेत्रों में पहले से पानी जमा है, वहां दोबारा तेज बारिश परेशानी बढ़ा सकती है.
33-34 डिग्री तक रहेगा अधिकतम तापमान
बारिश और बादलों के बावजूद तापमान में बहुत बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है. पूर्वानुमान अवधि में अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेंटीग्रेड के आसपास रह सकता है.
वहीं न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेंटीग्रेड रहने का अनुमान है. इसका मतलब है कि बारिश के बीच भी वातावरण में गर्मी और उमस बनी रह सकती है.
सुबह के समय सापेक्ष आर्द्रता 80 से 85 प्रतिशत तथा दोपहर में 60 से 70 प्रतिशत रहने की संभावना है. ऐसे मौसम में बारिश के बाद उमस लोगों को परेशान कर सकती है.
10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी पुरबा हवा
पूर्वानुमान अवधि में 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पुरबा हवा चलने का अनुमान है.
गरज-चमक के साथ तेज हवा और बारिश की स्थिति में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी. किसानों को भी खेतों में काम करने से पहले स्थानीय मौसम की स्थिति देख लेने की सलाह दी गयी है.
किसानों के लिए सबसे जरूरी है धान की फसल
मौसम पूर्वानुमान के साथ बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा ने किसानों के लिए कृषि सलाह भी जारी की है.
सलाह के अनुसार, कम बारिश की स्थिति में धान की फसल में खरपतवार की वृद्धि बढ़ जाती है. ऐसे में किसानों को समय पर निराई-गुड़ाई करने की सलाह दी गयी है.
धान के खेतों में खरपतवार बढ़ने से फसल को नुकसान हो सकता है, क्योंकि खरपतवार मिट्टी के पोषक तत्व और पानी का इस्तेमाल करते हैं. इसलिए समय पर खेत की सफाई करना जरूरी बताया गया है.
बारिश के बीच किसानों के लिए मौसम की निगरानी जरूरी
धान इस समय कई किसानों के लिए प्रमुख फसल है. ऐसे में अगले कुछ दिनों का मौसम खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है.
एक तरफ बारिश से खेतों में नमी की स्थिति बेहतर हो सकती है, वहीं दूसरी तरफ लंबे समय तक बारिश या किसी स्थान पर भारी वर्षा होने से खेतों में पानी जमा होने की समस्या भी पैदा हो सकती है.
इसलिए किसानों के लिए जरूरी है कि वे मौसम की जानकारी के साथ अपने खेत की स्थिति पर भी लगातार नजर रखें.
Bhagalpur Weather: प्रशासन और स्थानीय स्तर पर भी निगरानी की जरूरत
भागलपुर, बांका, जमुई और नवादा में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को निचले इलाकों, जलजमाव वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी रखने की जरूरत होगी.
शहरी क्षेत्रों में भारी बारिश होने पर जलनिकासी व्यवस्था की भी परीक्षा होगी. ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और संपर्क मार्गों पर पानी जमा होने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई जरूरी होगी.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अभी 2 सितंबर तक मौसम में बदलाव बना रह सकता है. ऐसे में अगले कुछ दिन आम लोगों और किसानों दोनों के लिए मौसम पर नजर रखने वाले होंगे.
कृषि सलाह डॉ. बीरेंद्र कुमार, नोडल पदाधिकारी, ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर की ओर से जारी की गयी है.
