Bhagalpur news सुलतानगंज में मतदाताओं ने रचा इतिहास

65.46 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत मंगलवार को सुलतानगंज विधानसभा क्षेत्र में लोकतंत्र का महापर्व उत्साह, उमंग और पूर्ण शांति के बीच संपन्न हो गया. सुबह में हल्की ठंड के बावजूद मतदाताओं में जोश देखने को मिला. सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों के बाहर कतारें लगनी शुरू हो गईं. महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी अपने-अपने पहचान पत्र लिए मतदान केंद्र की ओर बढ़ रहे थे. शुरुआती घंटे में मतदान की रफ्तार धीमी रही, मगर 11 बजे के बाद केंद्रों पर भीड़ उमड़ पड़ी. दोपहर बाद तो कई बूथों पर लंबी कतारें लग गईं. सुबह सात बजे से ही मतदाता अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचने लगे थे. सुबह 11 बजे तक 46.64 प्रतिशत, दोपहर 3 बजे तक 58.87 प्रतिशत और शाम 5 बजे तक 64.77 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. अंतिम आंकड़ों के अनुसार लगभग 65.46 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही. सखी मतदान केंद्र पूरी तरह महिला कर्मियों द्वारा संचालित रहा. यहां महिलाओं ने न केवल मतदान किया, बल्कि लोकतंत्र की जिम्मेदारी भी संभाली. कई जगहों पर सुरक्षा बल के जवानों ने वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं को सहारा देकर केंद्र तक पहुंचाया, जिससे मानवता और लोकतंत्र दोनों की मिसाल पेश हुई. हलांकि, कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट की तकनीकी खराबी से मतदान थोड़ी देर के लिए बाधित रहा, लेकिन उसे तुरंत दुरुस्त कर फिर शुरू कराया गया. पर्यवेक्षकों और वरीय पदाधिकारियों ने बूथों का जायजा लिया और व्यवस्था की निगरानी की. उधाडीह की वृद्ध महिला सुमा देवी ने बताया कि पर्ची न मिलने के कारण उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदाताओं ने भयमुक्त होकर मतदान किया. प्रत्याशी अपने बूथ पर पहुंच कर मतदान किया. सुलतानगंज विधानसभा क्षेत्र को दो भागों में विभाजित किया गया है. सुलतानगंज प्रखंड में बूथ संख्या 1 से 226 तक और शाहकुंड प्रखंड में 227 से 399 तक मतदान केंद्र में मतदान संपन्न हुआ. प्रखंड निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मतदान केंद्र संख्या 05, 24, 113, 119, 155, 173 और 196 पर मशीनों में समस्या की सूचना मिली, जिसे ठीक कराया गया. नए मतदाताओं में खास उत्साह देखने को मिला. पहली बार मतदान करने वाले युवाओं ने कहा कि वह रोजगार, शिक्षा और विकास के मुद्दों पर वोट दे रहे हैं. कुछ मतदाताओं ने खुलकर कहा कि उन्होंने नोटा का बटन दबाकर अपनी नाराजगी जताई है. मतदान केंद्रों पर न तो तनाव था, न भय, बस था तो लोकतंत्र का उत्सव और सुलतानगंज की जनता का अटूट विश्वास कि हमारा वोट ही हमारे भविष्य की आवाज है. शाम छह बजे मतदान समाप्त होते ही 12 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद हो गया. अब 14 नवंबर को मतगणना के बाद यह तय होगा कि सुलतानगंज की जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है.

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Published by: Jitendra tomar

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