bhagalpur news. विक्रमशिला सेतु की बॉल-बेयरिंग खिसकी, जैक से स्पैन उठाने की तैयारी, हर दिन तीन घंटे तक बंद होगी आवाजाही

विक्रमशिला सेतु की स्ट्रक्चर में अहम मानी जाने वाली बॉल-बेयरिंग अपने निर्धारित स्थान से खिसक गयी है, जिससे आने वाले दिनों में पुल की सुरक्षा को लेकर खतरा उत्पन्न होने की आशंका जतायी जा रही है.

विक्रमशिला सेतु की स्ट्रक्चर में अहम मानी जाने वाली बॉल-बेयरिंग अपने निर्धारित स्थान से खिसक गयी है, जिससे आने वाले दिनों में पुल की सुरक्षा को लेकर खतरा उत्पन्न होने की आशंका जतायी जा रही है. इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पुल निर्माण निगम ने तत्काल इसे दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. बॉल-बेयरिंग को दोबारा सही स्थिति में लाने के लिए तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी की जा रही है. बताया जाता है कि बॉल-बेयरिंग के खिसकने से ही एक स्पेन दूसरे स्पेन समानांतर में नहीं रह गया है. पुल पर चढ़ने के साथ ही हर किसी यह महसूस हो जायेगा कि सामने वाला पार्ट दबा हुआ है या फिर ऊंचा है. बॉल-बेयरिंग को जब अपने पोजिशन में लाया जायेगा, तो भी स्पेन पहले की तरह एक-दूसरे के समानांतर में आ जायेगा. आइआइटी की जांच में सामने आयीं बॉल-बेयरिंग की खामियां मामले का खुलासा आइआइटी दिल्ली की विशेषज्ञ टीम द्वारा की गयी जांच में हुआ है. हालांकि अंतिम रिपोर्ट का अभी इंतजार है, लेकिन तकनीकी संकेत मिलते ही विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. रिपोर्ट मिलने के बाद कार्य के लिए एजेंसी का चयन किया जायेगा, जो बॉल-बेयरिंग को फिर से सही पोजिशन में स्थापित करेगी. जैक लगाकर उठाया जायेगा स्पैन मरम्मत कार्य के दौरान सेतु के संबंधित स्पैन को जैक की मदद से उठाया जायेगा, ताकि बॉल-बेयरिंग को सुरक्षित तरीके से बदला या सही किया जा सके. इस पूरी प्रक्रिया पर पुल निर्माण निगम द्वारा पांच करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये जाने का अनुमान है. कार्य के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन दो से तीन घंटे के लिए सेतु पर वाहनों की आवाजाही रोकी जायेगी, जिससे आम लोगों को कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. रेलिंग मरम्मत से लेकर रंग-रोगन कराया जायेगा और ज्वाइंट एक्सपेंशन काे कराया जायेगा दुरुस्त पुल की क्षतिग्रस्त रेलिंग को दुरुस्त कराया जायेगा और उसका रंग-रोगन कार्य भी किया जायेगा. इसके साथ ही एक्सपेंशन ज्वाइंट की मरम्मत करायी जायेगी, जिससे गेपिंग की समस्या दूर हो सके. पुल निर्माण निगम के इंजीनियर का दावा है कि स्पैन के नीचे हिस्से में लगी कार्बन प्लेट सही स्थिति में हैं और उसमें कोई खराबी नहीं आयी है. 2018 में मुंबई की एजेंसी ने स्पेन उठाकर बदलवाया था बॉल-बेयरिंग वर्ष 2018 में भी विक्रमशिला सेतु की मरम्मत करायी गयी थी. साढ़े 12 करोड़ रुपये से विभिन्न प्रकार के कार्य किये गये थे. मुंबई की एजेंसी रोहरा रिबिल्ड एसोसिएट द्वारा बॉल-बेयरिंग बदली गयी थी, जिसके लिए पुल के स्पैन को उठाया गया था. उस समय कई दिनों तक पुल से आवाजाही बंद रही थी. स्पैन की दरार पर कार्बन प्लेट चिपकाने, एक्सपेंशन ज्वाइंट बदलने और सेतु की सड़क का निर्माण कार्य लगभग डेढ़ वर्षों तक चला था. कोट विक्रमशिला सेतु की कुछ बॉल-बेयरिंग अपने पोजिशन से खिसक गयी है. इसको पोजिशन में लाने का कार्य एजेंसी के माध्यम से कराया जायेगा. सिर्फ आइआइटी, दिल्ली से रिपोर्ट आने की देरी है. दरअसल, टीम की जांच में यह सामने आया है. रिपोर्ट आने के बाद एजेंसी बहाल कर काम कराया जायेगा. इस दौरान स्पेन को उठाना भी पड़ेगा, तो दो-तीन घंटे के लिए आवाजाही बंद रहेगी. ज्ञानचंद्र दास, सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर पुल निर्माण निगम, कार्य प्रमंडल, भागलपुर ………………. सितंबर में मंत्री मिल कर से उठायी थी विक्रमशिला सेतु की जांच व पुल मरम्मत की मांग : अजय मंडल वरीय संवाददाता, भागलपुर विक्रमशिला सेतु की जांच एवं पुल मरम्मत की मांग पिछले साल सितंबर में संबंधित मंत्रालय के मंत्री से मिल कर उठायी गयी थी. उक्त बातें सांसद अजय मंडल ने कही. उन्होंने कहा कि मेरे संसदीय क्षेत्रांतर्गत भागलपुर का विक्रमशिला सेतु गंभीर खतरे में है. जानकारों के अनुसार विक्रमशिला सेतु का एक्सपेंशन ज्वाइंट खराब हो चुका है. वाहनों के दवाब में दरारें बढ़ती जा रही है. 12 माह में छह से आठ इंच तक ज्वाइंट का गैप बढ़ गया है, जिससे पुल का अस्तित्व खतरे में है. इस सेतु पर प्रतिदिन 35000 वाहन गुजरते हैं. वहीं, सेतु सड़क भी खराब है. इससे वाहनों का परिचालन प्रभावित होने के साथ ही दुर्घटना भी हो रही है. वाहनों के खराब होने से यातायात बाधित हो रहा है. घंटों जाम लग रहा है. इन बातों से सितंबर में ही अवगत करा चुके हैं. एनएच भागलपुर प्रमंडल कार्यालय इस संबंध में अभियंता प्रमुख को लेटर लिखा गया था. अभियंता प्रमुख ने भी बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड को विशेषज्ञों से विक्रमशिला सेतु की जांच कराने के लिए पत्र लिखकर जल्द रिपोर्ट देने के लिए कहा, लेकिन अब तक सेतु की जांच विशेषज्ञों से नहीं करायी गयी है.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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