भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
Vikramshila Setu: भागलपुर और खगड़िया के लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है. तीन महीने से अधिक समय से चर्चा में रहे विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्स्थापन का रास्ता साफ हो गया है. करीब 98 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इस बड़े काम की जिम्मेदारी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन को सौंप दी गई है. 28 अगस्त से मरम्मत का स्थायी कार्य शुरू होगा. हालांकि इस दौरान सेतु पर सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा. सरकार का लक्ष्य 30 नवंबर 2026 तक पुल को फिर से सभी वाहनों के लिए चालू करना है.
98 करोड़ की परियोजना, SP Singla करेगी स्थायी मरम्मत
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड ने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थायी पुनर्स्थापन के लिए एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन का चयन किया है. इस परियोजना पर लगभग 98 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
जानकारी के अनुसार निविदा प्रक्रिया में तीन एजेंसियों ने हिस्सा लिया था. तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन के बाद एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन को कार्य सौंपा गया है. अब जल्द ही पुल निर्माण निगम चयनित एजेंसी को एक्सेप्टेंस ऑफ लेटर (LOA) और वर्क ऑर्डर जारी करेगा.
28 अगस्त से शुरू होगा बड़ा काम, पहले हटेंगे चारों बेली ब्रिज
पुल निर्माण निगम, खगड़िया के वरीय परियोजना अभियंता शशिभूषण सिंह ने बताया कि 28 अगस्त से स्थायी पुनर्स्थापन कार्य शुरू किया जाएगा.
मरम्मत की शुरुआत से पहले सेतु पर लगाए गए चारों अस्थायी बेली ब्रिज हटाए जाएंगे. इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्से पर नया स्लैब डाला जाएगा और अन्य तकनीकी कार्य किए जाएंगे.
पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञों की निगरानी में होगी ताकि भविष्य में पुल की संरचना पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत बनी रहे.
Vikramshila Setu: मरम्मत के दौरान पूरी तरह बंद रहेगा विक्रमशिला सेतु
स्थायी मरम्मत के दौरान सुरक्षा को देखते हुए विक्रमशिला सेतु पर सभी प्रकार के वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा.
इसका असर भागलपुर, खगड़िया, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया और कोसी क्षेत्र से आने-जाने वाले हजारों यात्रियों और मालवाहक वाहनों पर पड़ सकता है. ऐसे में लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा. प्रशासन की ओर से जल्द ही डायवर्जन और ट्रैफिक प्लान जारी किए जाने की संभावना है.
3 मई को हुआ था बड़ा हादसा, फिर बने थे अस्थायी बेली ब्रिज
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद सुरक्षा कारणों से पुल पर यातायात प्रभावित हुआ.
स्थिति को संभालने के लिए 7 जून को क्षतिग्रस्त हिस्से पर चार अस्थायी बेली ब्रिज बनाए गए थे, जिनके सहारे सीमित यातायात शुरू कराया गया.
इसके बाद विशेषज्ञों की टीम ने पूरे सेतु का तकनीकी निरीक्षण किया और स्थायी मरम्मत की विस्तृत योजना तैयार की.
गुणवत्ता और सुरक्षा पर रहेगा विशेष फोकस
अधिकारियों के अनुसार पुनर्स्थापन का पूरा कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप कराया जाएगा.
मरम्मत के दौरान आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की तकनीकी समस्या दोबारा सामने न आए. पुल के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की भी विस्तृत तकनीकी जांच पहले ही कराई जा चुकी है.
Vikramshila Setu: 30 नवंबर तक सभी वाहनों के लिए खोलने का लक्ष्य
सरकार ने विक्रमशिला सेतु को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाने का लक्ष्य तय किया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि 30 नवंबर 2026 तक विक्रमशिला सेतु को सभी प्रकार के वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा.
अब निर्माण एजेंसी के चयन के बाद उम्मीद बढ़ गई है कि तय समय सीमा के भीतर काम पूरा कर लिया जाएगा. यदि ऐसा होता है तो पिछले कई महीनों से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और भागलपुर सहित पूरे सीमांचल और कोसी क्षेत्र की आवाजाही फिर सामान्य हो जाएगी.
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