केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर की तबीयत बिगड़ी, टाइफाइड की पुष्टि, एयर एम्बुलेंस से पटना ले जाया जाएगा

Ramnath Thakur Health: केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर की तबीयत भागलपुर में एनडीए सम्मेलन से पहले बिगड़ गई. उन्हें वायरल फीवर और टाइफाइड की पुष्टि हुई है. डॉक्टरों ने बताया कि वे पहले से बीपी, डायबिटीज और प्रोस्टेट की समस्या से जूझ रहे हैं, हालांकि स्थिति नियंत्रण में है. शाहनवाज हुसैन सहित कई नेता उनसे मिले. एयर एम्बुलेंस से उन्हें पटना लाया जाएगा.

Ramnath Thakur Health Deteriorates: भागलपुर में शनिवार को एनडीए के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर की तबीयत अचानक बिगड़ गई. देर रात भागलपुर पहुंचने के बाद उन्हें तेज बुखार की शिकायत हुई. जांच के बाद डॉक्टरों ने वायरल फीवर के साथ टाइफाइड की पुष्टि की. फिलहाल उन्हें भागलपुर सर्किट हाउस में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. एयर एम्बुलेंस से उन्हे पटना लाने की सूचना है. 

डॉक्टर ने क्या कहा ? 

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सहायक प्रोफेसर डॉ. आनंद सिन्हा ने बताया कि मंत्री ठाकुर को पहले से ही ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और प्रोस्टेट की समस्या है. इसके बावजूद उनकी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और उन्हें स्लाइन चढ़ाया जा रहा है. डॉक्टर लगातार स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं.

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रामनाथ ठाकुर से मिलने पहुंचे शाहनवाज हुसैन 

मंत्री की तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन, जदयू नेता कहकशां परवीन और भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष साह उनसे मिलने सर्किट हाउस पहुंचे. नेताओं ने मंत्री के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. रामनाथ ठाकुर आज भागलपुर के नाथनगर विधानसभा क्षेत्र के जगदीशपुर में एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने वाले थे. सम्मेलन में प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी तय थी, लेकिन तबीयत बिगड़ने के कारण वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे.

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By Nishant Kumar

Nishant Kumar: निशांत कुमार पिछले तीन सालों से डिजिटल पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्कर के बाद राजस्थान पत्रिका के डिजिटल टीम का हिस्सा रहें. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल-इंटेरनेशनल और स्पोर्ट्स टीम में काम कर रहे हैं. किस्सागोई हैं और देश-विदेश की कहानियों पर नजर रखते हैं. साहित्य पढ़ने-लिखने में रुचि है.

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bhagalpur news. प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे व साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो - लोकभवन ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने दिया निर्देश- लोकभवन ने पत्र में कहा, निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायेवरीय संवाददाता, भागलपुरपीजी व कॉलेज में प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो. इसे लेकर लोकभवन के विशेष कार्य अधिकारी न्यायिक कल्पना श्रीवास्तव ने टीएमबीयू सहित सूबे के अन्य विश्वविद्यालयों में पत्र भेजा है. पत्र में विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के लिए कार्यभार मानदंड सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार को लेकर सचिवालय ने विवि प्रशासन को सख्त रुख अपनाने के लिए कहा है. शिक्षकों के कार्यभार को लेकर जारी निर्देश में स्पष्ट कहा कि निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करायी जाये.लोकभवन से जारी पत्र में कहा कि पूर्णकालिक कार्यरत सभी शिक्षकों को सेमेस्टर के दौरान प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे तक कक्षाओं में उपस्थित रहना अनिवार्य है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनका साप्ताहिक कार्यभार 40 घंटे से कम न हो.शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह लागू रहेगापत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि न्यूनतम कार्यभार एक शैक्षणिक वर्ष में कम से कम 30 सप्ताह यानी 180 कार्य दिवसों तक लागू रहेगा. साप्ताहिक 40 घंटे के कार्यभार को छह कार्य दिवसों में समान रूप से विभाजित करने का निर्देश दिया है. कहा कि यूजीसी के प्रावधानों में भी कार्यभार से संबंधित इसी तरह के मानदंड निर्धारित हैं. जिन्हें कानूनी मान्यता प्राप्त है. उनका पालन अनिवार्य है. उन मानकों को सख्ती से लागू कर बेहतर शैक्षणिक परिणाम सुनिश्चित करें.लोकभवन को मिली शिक्षकों के गायब रहने की शिकायतलोकभवन को शिक्षकों के गायब रहने की शिकायत मिल रही है. अंदरखाने की मानें, तो कुछ छात्र संगठन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कॉलेज व पीजी विभागों में निर्धारित समय से पहले ही गायब रहने की शिकायत लोकभवन से की है. इसे लेकर कुलाधिपति सख्त होते दिख रहे है. ऐसे में कॉलेजों व पीजी विभाग का औचक निरीक्षण भी किया जा सकता है.ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी की नहीं होती है क्लासकॉलेज में ऑनर्स विषय छोड़ सब्सिडियरी विषय की क्लास नहीं होती है. एक दिन पहले छात्र राजद के कार्यकर्ताओं ने एक कॉलेज के प्राचार्य से वार्ता के दौरान कहा था कि एमजेसी (ऑनर्स) विषय की क्लास होती है, लेकिन एमआइसी (सब्सिडियरी) विषय की क्लास नहीं होती है. छात्र संगठन का आरोप था कि एईसी, वीएसी व एसीसी की भी क्लास भी नहीं होती है.लोकभवन के निर्देश का हो रहा पालन - शिक्षक संगठनशिक्षक संगठन भुस्टा के महासचिव प्रो जगधर मंडल ले कहा कि लोकभवन के निर्देश का पालन हो रहा है. यूजीसी के नियमानुसार कॉलेज व पीजी विभागों में पांच घंटे तक शिक्षकों रहते हैं. सारा कार्य करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. शिक्षक लोकभवन के साथ है.

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