भागलपुर के टीएनबी (TNB) महाविद्यालय में छात्राओं द्वारा उत्तरपुस्तिका (कॉपी) जांचने के बहुचर्चित मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है. मामले की जांच के लिए गठित सात सदस्यीय समिति के समक्ष शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की टीएनबी महाविद्यालय इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा. छात्र नेताओं ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई की पुरजोर मांग की है.
प्रशासन के बुलावे पर समिति के समक्ष पेश हुए छात्र नेता
महाविद्यालय प्रशासन की ओर से जारी सूचना के आधार पर, अभाविप के कॉलेज अध्यक्ष सुमित सिंह, कॉलेज मंत्री लक्ष्मण कुमार और नगर सहमंत्री सोहम शुभम को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था.
निर्धारित समय पर छात्र संगठन का यह प्रतिनिधिमंडल जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुआ. छात्र नेताओं ने परीक्षा और मूल्यांकन कार्य में हुई इस गंभीर लापरवाही पर अपनी आपत्तियां स्पष्ट रूप से दर्ज कराईं और समिति से नियमानुसार उचित कार्रवाई करने की मांग की.
'किसी प्राध्यापक से नहीं, भ्रष्ट सिस्टम से है हमारी लड़ाई'
जांच समिति के समक्ष अपना रुख स्पष्ट करते हुए अभाविप प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनकी यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष या किसी प्राध्यापक (प्रोफेसर) के विरुद्ध नहीं है.
छात्र नेताओं ने जोर देकर कहा कि उनका विरोध उस व्यवस्था और सिस्टम से है, जिसमें विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मूल्यांकन जैसे अति-संवेदनशील कार्य में इस प्रकार की भारी त्रुटियों की पुनरावृत्ति हो सकती है. उन्होंने चेतावनी दी कि विद्यार्थियों के हित, निष्पक्ष मूल्यांकन और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अभाविप आगे भी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी.
इन सात सदस्यों की टीम कर रही है मामले की जांच
कॉपी जांच में हुई इस अनियमितता की तह तक जाने के लिए महाविद्यालय प्रशासन ने एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है. इस सात सदस्यीय समिति में शामिल हैं:
- डॉ. मुशफिक आलम (समन्वयक)
- डॉ. पंकज कुमार
- डॉ. जैनेंद्र कुमार
- डॉ. अंशु कुमार
- डॉ. नवीन कुमार
- डॉ. नीतू कुमारी
- डॉ. पुष्प कुमार राय
यह समिति सभी संबंधित पक्षों और शिकायतकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट महाविद्यालय प्रशासन को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.
