टीएमबीयू में वेतन कटौती पर बढ़ा विवाद, कर्मचारी पुराने वेतनमान की मांग पर अड़े, आज होगी कमेटी की पहली बैठक

तिलकामंझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में कर्मचारियों के वेतन में कटौती का मामला गरमा गया है. प्रभावित कर्मचारियों ने पुराने वेतनमान की बहाली की मांग की है. मामले की जांच के लिए गठित नौ सदस्यीय कमेटी की पहली बैठक आज होगी, जो दस्तावेजों की समीक्षा करेगी.

TMBU Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय यानी टीएमबीयू में कर्मचारियों के वेतन में कटौती का मामला अब जांच के अगले चरण में पहुंच गया है. अनुकंपा नियुक्ति, वर्ष 2003 में नियुक्त 89 फ्रेशर कर्मचारियों और अधिक भुगतान लेने वाले कुल 365 कर्मचारियों से जुड़े वेतन निर्धारण के मामले में गठित नौ सदस्यीय जांच कमेटी की पहली बैठक गुरुवार को होगी. कमेटी संबंधित दस्तावेजों और कर्मचारियों की ओर से दिये गये दावों की समीक्षा करेगी.

वहीं दूसरी ओर वेतन में कटौती से प्रभावित टीएमबीयू और कॉलेजों के कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. कर्मचारियों ने प्रभारी कुलपति से पूर्व का वेतनमान बहाल करने की मांग की है. उनका कहना है कि जून और जुलाई 2026 में निर्धारित वेतन के आधार पर भुगतान किया गया, लेकिन अगस्त से कई कर्मचारियों के वेतन में कटौती की गयी है. अब कर्मचारियों के दावों और विश्वविद्यालय के निर्णय के बीच जांच कमेटी की रिपोर्ट अहम मानी जा रही है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वेतन में हुई कटौती

टीएमबीयू प्रशासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वेतन में अधिक भुगतान से जुड़े मामलों की समीक्षा की गयी है. इसी प्रक्रिया में करीब 85 कर्मचारियों के वेतन में कटौती की गयी है.

विश्वविद्यालय और कॉलेजों के वेतन से प्रभावित कर्मचारियों ने अपने-अपने दावे विश्वविद्यालय के समक्ष रखे हैं. कर्मचारियों ने रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन देकर पूर्व की तरह वेतन भुगतान करने की मांग की है.

अब इन आवेदनों को जांच कमेटी के सामने रखा जायेगा. कमेटी यह देखेगी कि कर्मचारियों के वेतन निर्धारण, नियुक्ति और भुगतान से जुड़े दस्तावेज क्या कहते हैं और कटौती को लेकर कर्मचारियों के दावों का आधार कितना मजबूत है.

गुरुवार को पहली बैठक, दस्तावेजों पर होगी नजर

वेतन कटौती के मामले की जांच के लिए नौ सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है. इसकी पहली बैठक गुरुवार को होगी. कमेटी को विश्वविद्यालय प्रशासन ने 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है.

कमेटी में एमएलसी सह सिंडिकेट सदस्य डॉ संजीव कुमार सिंह, डॉ मुश्फिक आलम, सिंडिकेट सदस्य मुकेश कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो अर्चना साह, कॉलेज इंस्पेक्टर प्रो सुरेंद्र कुमार सिंह, प्रो पवन कुमार सिन्हा, एफओ ब्रज किशोर प्रसाद, प्रो एएन सहाय और रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे शामिल हैं.

जांच के दौरान कर्मचारियों की ओर से दिये गये आवेदन, नियुक्ति से संबंधित रिकॉर्ड, वेतन निर्धारण और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा किये जाने की संभावना है.

कर्मचारियों का दावा- फैसला न्यायसंगत नहीं

वेतन कटौती से प्रभावित कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय को दिये आवेदन में अपना पक्ष रखा है. उनका कहना है कि उच्च शिक्षा विभाग के पत्र के आधार पर उनके वेतन की जांच और सत्यापन किया गया था. इसके बाद निर्धारित वेतन के आधार पर जून और जुलाई 2026 का भुगतान भी किया गया.

कर्मचारियों का कहना है कि अगस्त 2026 से सहायक और विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मियों के वेतन में कटौती शुरू कर दी गयी. उन्होंने इस निर्णय को न्यायसंगत नहीं बताया है.

कर्मचारियों के अनुसार निर्धारित पदों पर नियुक्त कर्मियों के वेतन भुगतान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है. उनका तर्क है कि हाईकोर्ट के आदेश और संबंधित न्यायिक प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए वेतन में कटौती का निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए था.

अब कर्मचारियों की ओर से दिये गये इन दावों की भी जांच कमेटी के स्तर पर समीक्षा होगी.

89 फ्रेशर कर्मचारियों ने भी रखा अपना पक्ष

वर्ष 2003 में नियुक्त 89 फ्रेशर कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवा नियमितीकरण और वेतन निर्धारण का मामला भी जांच के दायरे में है.

इन कर्मचारियों ने जांच कमेटी के सदस्य सचिव को आवेदन सौंपकर नियुक्ति और वेतन से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर मामले की समीक्षा करने की मांग की है.

कर्मचारियों का कहना है कि उनकी नियुक्ति निर्धारित प्रक्रिया के तहत हुई थी. उनके अनुसार समय-समय पर सरकार, विश्वविद्यालय और न्यायालय स्तर से भी उनकी नियुक्ति को मान्यता मिली है.

अब कमेटी इन दावों से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच करेगी. 89 कर्मचारियों के मामले में नियुक्ति की प्रक्रिया, सेवा नियमितीकरण और वेतन निर्धारण से जुड़े रिकॉर्ड जांच के महत्वपूर्ण हिस्से हो सकते हैं.

वेतन कटौती के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी

मामले ने अब विश्वविद्यालय परिसर में आंदोलन की जमीन भी तैयार कर दी है. बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने वेतन कटौती समेत कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दों पर रविवार को टीएनबी कॉलेज में बैठक बुलायी है.

प्रक्षेत्रीय मंत्री सुशील कुमार मंडल के अनुसार बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति पर विचार किया जायेगा. इसमें कर्मियों की प्रोन्नति, जून, जुलाई और अगस्त 2026 के वेतन भुगतान में कथित मनमानी कटौती, एसीपी-एमएसीपी लाभ, सेवा विस्तार नहीं मिलने वाले संविदा कर्मियों और उनके लंबित वेतन भुगतान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी.

इसके साथ ही अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की मांग को भी बैठक के एजेंडे में शामिल किया गया है. महासंघ की सभी इकाई संघों, पार्षद कार्यकारिणी और जिला इकाई के सदस्यों के बैठक में शामिल होने की बात कही गयी है.

TMBU Bhagalpur News: अब 15 दिनों की रिपोर्ट पर टिकी नजर

टीएमबीयू में वेतन कटौती का मामला सिर्फ कर्मचारियों के मासिक वेतन तक सीमित नहीं है. इससे जुड़े नियुक्ति, वेतन निर्धारण, न्यायिक आदेश और विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले जैसे कई पहलू सामने आ रहे हैं.

एक तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कार्रवाई की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ प्रभावित कर्मचारी अपने पुराने वेतनमान को बहाल करने और अपने दावों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग कर रहे हैं.

ऐसे में गुरुवार से शुरू होने वाली नौ सदस्यीय कमेटी की जांच महत्वपूर्ण होगी. विश्वविद्यालय ने कमेटी को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है. अब कर्मचारियों और विश्वविद्यालय दोनों की नजर इस रिपोर्ट पर रहेगी. रिपोर्ट के आधार पर आगे वेतन कटौती को लेकर क्या निर्णय होता है और कर्मचारियों की मांग पर विश्वविद्यालय का रुख क्या रहता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा.

Also Read: “बाप रे! सब कुछ बह गया…”, नेपाल बाढ़ त्रासदी से भटककर मुजफ्फरपुर पहुंची डरी-सहमी महिला

Also Read: बिहार में बढ़ रहा बाढ़ का खतरा, गंगा-गंडक के बाद सोन भी उफनाई, 56 गेट खुले, कई इलाकों में तबाही

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By आरफीन जुबैर

आरफीन जुबैर प्रिंट माध्यम में पिछले 16 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा और खेल में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >