Bhagalpur News. टीएमबीयू के पेंशनरों का फूटा गुस्सा, भुगतान नहीं होने पर किया प्रदर्शन
टीएमबीयू में पेंशनरों ने किया प्रदर्शन.
By KALI KINKER MISHRA | Updated at :
—त्योहार में भुगतान नहीं होने से रोष, कुलसचिव के आश्वासन के बाद अगले सप्ताह भुगतान की उम्मीदतिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के पेंशनरों के सब्र का बांध शुक्रवार को टूट गया. बिहार के अन्य विश्वविद्यालयों में भुगतान होने के बावजूद केवल टीएमबीयू के पेंशनरों की फरवरी की पेंशन रोके जाने से आक्रोशित ””””पेंशनर संघर्ष मंच”””” ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. प्रो बिहारी लाल चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पेंशनर शामिल हुए.
त्योहारों के बीच 2,663 परिवार भगवान भरोसे
आंदोलनकारी पेंशनरों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष था कि होली और ईद जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के ठीक पहले 2,663 परिवारों को आर्थिक संकट में झोंक दिया गया है. मंच के सदस्यों ने सवाल उठाया कि जब पेंशनरों के पास दवा और राशन के पैसे नहीं हैं, तो जिम्मेदार पदाधिकारियों ने अपना वेतन कैसे ले लिया?
फंड के गणित पर घमासान : सरकार और विवि के दावों में विरोधाभास
पेंशन भुगतान को लेकर राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच दावों का पेंच फंसा हुआ है. पेंशनरों के मुताबिक, राज्य सरकार का तर्क है कि विश्वविद्यालय के पास पेंशन मद की राशि शेष है, जिससे भुगतान किया जाना चाहिए. वहीं विवि प्रशासन कह रहा कि सरकार से पर्याप्त अनुदान प्राप्त नहीं हुआ है. पेंशनर संघर्ष मंच ने दावा किया कि सरकार प्रतिमाह पेंशन हेतु 19.67 करोड़ रुपये देती है, जबकि वास्तविक खर्च केवल 17 करोड़ रुपये है. आरोप है कि पिछले कई वर्षों से हर महीने बचने वाली लगभग ढाई करोड़ की राशि को विश्वविद्यालय फिक्स्ड डिपॉजिट कर ब्याज कमा रहा है और पेंशनरों का बकाया रोक रहा है. मंच ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने 14 अक्तूबर, 2025 को ही कुलपति को ज्ञापन सौंपकर इस भावी संकट के प्रति आगाह कर दिया था, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण आज निर्दोष बुजुर्गों को सड़कों पर उतरना पड़ा.
कुलसचिव की वार्ता और आश्वासन
दोपहर बाद कुलसचिव प्रो रामाशीष पूर्वे ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर पेंशनरों से वार्ता की. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से फोन पर चर्चा करने के बाद आश्वासन दिया कि अगले सप्ताह तक फरवरी की पेंशन का भुगतान कर दिया जायेगा. मंच के सहसंयोजक अमरेंद्र कुमार झा ने कुलसचिव को 46 ऐसे लंबित मामलों की सूची सौंपी, जिनकी फाइलें कार्यालय से लापता बतायी जा रही हैं. कुलसचिव ने इन फाइलों को खोजवाने और आगामी सोमवार को मंच के शिष्टमंडल के साथ बैठक कर प्रगति की समीक्षा करने का भरोसा दिया है. इस मौके पर संयोजक डॉ पवन कुमार सिंह भी मौजूद थे.