मुख्य बातें:
भागलपुर से आरफीन जुबैर की रिपोर्ट
TMBU Guest Teachers Protest: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में सेवा से हटाए गए 70 अतिथि शिक्षकों का आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है. अपने आंदोलन के छठे दिन गुरुवार को इन शिक्षकों ने विश्वविद्यालय परिसर में अनोखे तरीके से थाली पीटकर प्रशासन के खिलाफ उग्र विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. स्थिति को अनियंत्रित होते देख सुरक्षा के मद्देनजर टीएमबीयू प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया, जिससे काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही.
वार्ता न होने से बढ़ा गुस्सा, बहाली प्रक्रिया पर उठाए सवाल
- छह दिनों से अनदेखी: धरना पर बैठे अतिथि शिक्षकों का कहना है कि उनका शांतिपूर्ण आंदोलन पिछले छह दिनों से लगातार जारी है, लेकिन विवि प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अब तक उनसे वार्ता करने नहीं पहुंचा है.
- नियुक्ति पर सवाल: शिक्षकों ने सवाल उठाया कि जब उनकी पूरी बहाली प्रक्रिया राजभवन और विवि के नियमों के तहत हुई थी, तो अचानक किस आधार पर उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया गया.
शिक्षकों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस तुगलकी फरमान को लेकर स्थिति स्पष्ट करे.
TMBU Guest Teachers Protest: निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग
शिक्षकों ने विवि प्रशासन की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए पारदर्शी जांच की मांग दोहराई है.
अतिथि शिक्षकों ने कहा कि यदि विवि प्रशासन को लगता है कि नियुक्तियों में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता हुई है, तो वह इसके पुख्ता प्रमाण सार्वजनिक करे. हमारी मांग है कि मामले की सत्यता जानने के लिए राज्य के दूसरे विश्वविद्यालयों के निष्पक्ष विशेषज्ञों को शामिल कर एक नई जांच समिति बनाई जाए. इसके साथ ही पूर्व में बनाई गई दोनों कमेटियों की रिपोर्ट की भी दोबारा समीक्षा की जाए.
शिक्षकों ने विवि प्रशासन को दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सेवा दोबारा बहाल नहीं की जाती, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं. आने वाले दिनों में कुलपति और कुलसचिव का घेराव कर इस आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी.
