भागलपुर जिले के बाइपास थाना क्षेत्र अंतर्गत कजरैली रोड के समीप शनिवार की देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है. तेज रफ्तार यात्री बस और प्रीमियम स्पोर्ट्स बाइक की भीषण टक्कर में तीन दोस्तों की असामयिक और दर्दनाक मौत हो गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार एक युवक की घटनास्थल पर ही जान चली गई, जबकि दो अन्य दोस्तों ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. रविवार को ट्रैफिक थाने की पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है. इस हृदयविदारक घटना के बाद मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है.
प्रीमियम बाइक एन-160 से जीरोमाइल की ओर निकले थे दोस्त
मृतकों की शिनाख्त बबरगंज थाना क्षेत्र के अलीगंज गंगटी निवासी देवेंद्र यादव के 18 वर्षीय पुत्र अंशु कुमार, अशोक पासवान के 17 वर्षीय पुत्र सावन कुमार और हबीबपुर दाउद बाट निवासी प्रेम कुमार पासवान के 18 वर्षीय पुत्र आशुतोष कुमार के रूप में हुई है. परिजनों ने बताया कि शनिवार की देर शाम तीनों दोस्त अंशु की नई पल्सर एन-160 बाइक पर सवार होकर घूमने निकले थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक बाइक से जीरोमाइल की तरफ बढ़ रहे थे, तभी सामने से आ रही एक अनियंत्रित तेज रफ्तार बस ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी. टक्कर की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार युवक सीधे बस के निचले हिस्से में जा घुसे.
घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक थमी सांसें
हादसे के तुरंत बाद अंशु कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. दुर्घटना के बाद बस चालक वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गया, जबकि बस के यात्री भी डर के मारे धीरे-धीरे वहां से निकल गए. स्थानीय लोगों और सूचना पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया. इनमें आशुतोष कुमार को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) और सावन कुमार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के क्रम में दोनों ने दम तोड़ दिया.
परिजनों ने लगाया समय पर इलाज न मिलने का आरोप
बाइपास थानाध्यक्ष विकास कुमार जब पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, तब तक चालक फरार हो चुका था. इधर, अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. दो मृतकों के परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि यदि समय रहते दोनों घायलों को त्वरित और बेहतर आपातकालीन चिकित्सा सुविधा मिल जाती, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी.
माता-पिता के सबसे छोटे और लाडले बेटे थे तीनों
इस मनहूस हादसे ने तीन हंसते-खेलते परिवारों का चिराग बुझा दिया. आशुतोष मुस्लिम कॉलेज में बीए पार्ट वन का छात्र था और अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था. उसके पिता मजदूरी कर परिवार पालते हैं. वहीं, इंटर का छात्र सावन कुमार छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था, जिसके पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं. बाइक चला रहा अंशु कुमार मीरजान हाईस्कूल में इंटर का छात्र था और वह भी तीन भाइयों व तीन बहनों में सबसे छोटा था. तीनों अपने घरों के सबसे लाडले थे, जिनकी अचानक मौत से समूचे इलाके में गहरा शोक व्याप्त है.
