Bhagalpur news तीन फील्ड स्टाफ पर 3.30 लाख रुपये गबन का आरोप, प्राथमिकी दर्ज

भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड सुलतानगंज शाखा में कार्यरत ब्रांच मैनेजर संजीत कुमार रजक ने तीन फील्ड स्टाफ के विरुद्ध नियोजित षड्यंत्र के तहत ऋण धारकों की राशि गबन करने को लेकर सुलतानगंज थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है.

भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड सुलतानगंज शाखा में कार्यरत ब्रांच मैनेजर संजीत कुमार रजक ने तीन फील्ड स्टाफ के विरुद्ध नियोजित षड्यंत्र के तहत ऋण धारकों की राशि गबन करने को लेकर सुलतानगंज थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है. दर्ज प्राथमिकी में कहा कि श्यामबाग मुहल्ला स्थित उक्त शाखा का कार्य महिलाओं के समूह को आसान किस्तों पर ऋण उपलब्ध कराना तथा साप्ताहिक किस्तों में उसकी वसूली करना है. तीनों फील्ड कर्मियों ने पूर्ण चुकता लोन फीस, बीमा फीस एवं बायोमेट्रिक में अंगुली का निशान लेकर अभिलेखों में कपटपूर्ण प्रविष्टियां की और ऋण व किस्त की राशि का गबन कर लिया. आरोपित कर्मचारी दीपक कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान दो सेंटरों के चार सदस्यों की कुल 1,42,937 रुपये की राशि का गबन किया, जो 8 अप्रैल 2022 से 18 अप्रैल 2022 के बीच बताया गया है. अमित कुमार ने दो सेंटरों के छह सदस्यों की 1,62,719 रुपये की राशि का गबन 16 सितंबर 2021 से 14 अप्रैल 2022 के बीच किया. तीसरे कर्मी अविनाश कुमार दो सदस्यों की 24,698 रुपये की राशि गबन किया है. क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से गठित जांच टीम की जांच में तीनों कर्मचारियों ने साजिश के तहत कुल 3,30,354 रुपये का गबन करने की पुष्टि हुई. विभागीय व ऑडिट जांच में आरोपितों से स्पष्टीकरण मांगने और उसके उत्तर की प्रतीक्षा से प्राथमिकी दर्ज कराने में विलंब हुआ. थानाध्यक्ष ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

खाद की मारामारी से किसान परेशान

सन्हौला प्रखंड क्षेत्र में रासायनिक खाद की मारामारी चल रही है, जिससे किसान काफी परेशान है. पदाधिकारी जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहे है. किसान धान फसल की तैयारी के साथ साथ गेहूं ,चना, सरसों की बुआई कर रहे हैं. डीएपी और यूरिया खाद के अलावा पोटाश की मांग बढ़ी है. प्रखंड क्षेत्र में एक लाइसेंसी दुकान पर पांच से अधिक गैर लाइसेंसी खाद की दुकान खुली है, जहां मनमानी कीमत पर यूरिया, डीएपी खाद बेची जा रही है. देहात में 320 से 360 रुपये डीएपी खाद के लिए 1500 से 1600 साै रुपये प्रति बोरा की दर से किसानों को भुगतान करना पड़ता है. लाइसेंसी खाद विक्रेता को नैनो डीएपी और नैनो यूरिया को लेकर बहुत टेंशन है. किसान नैनो खाद लेना पसंद नहीं करते हैं, इसलिए उसकी बिक्री नहीं होती है. खाद विक्रेताओं को एजेंसी की ओर से नैनो खाद लेना अनिवार्य कर दिया गया है.

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Published by: Jitendra tomar

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