भागलपुर से आरफीन जुबैर की रिपोर्ट : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) में स्थायी कुलपति की नियुक्ति का इंतजार और लंबा हो गया है. लोकभवन ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए कुलपति पद के लिए जारी विज्ञापन को आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया है. इस संबंध में लोकभवन के अपर सचिव डॉ नंदलाल आर्य ने विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है.
नियुक्ति प्रक्रिया में देरी, फिर से मांगे जायेंगे आवेदन
इस विज्ञापन के रद्द होने के कारण विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया फिर से शुरू होगी. जानकारी के अनुसार, अब लोकभवन द्वारा दोबारा विज्ञापन जारी किया जायेगा और नये सिरे से आवेदन मांगे जायेंगे. इसके बाद ही चयन की अगली प्रक्रिया पूरी हो सकेगी. गौरतलब है कि पहले जून तक स्थायी कुलपति की नियुक्ति की संभावना जतायी जा रही थी, लेकिन इस नये निर्णय से उम्मीदों पर पानी फिर गया है.प्रभारी कुलपति के भविष्य पर संशय
विज्ञापन रद्द होने के साथ ही विश्वविद्यालय में कुलपति के प्रभार को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गयी हैं. वर्तमान में प्रो बीएस झा प्रभारी कुलपति के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं और उन्हें इस पद पर रहते हुए नौ माह का समय पूरा हो चुका है. चूंकि प्रो झा बीएन मंडल विश्वविद्यालय के नियमित कुलपति भी हैं और वहां भी अब नये कुलपति के लिए आवेदन मांगे गये हैं, ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि वे अपने मूल विश्वविद्यालय में नियमित नहीं रहेंगे, तो टीएमबीयू में प्रभारी के रूप में कैसे बने रहेंगे. इन हालातों के बीच चर्चा यह भी है कि अब तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के ही किसी वरिष्ठ शिक्षक को कुलपति का प्रभार सौंपा जा सकता है. फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षा जगत की नजरें लोकभवन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.
