वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन भागलपुर रजिस्ट्री कार्यालय में भारी गहमागहमी देखी गयी. जमीन और मकानों की रजिस्ट्री के मामले में मार्च क्लोजिंग के आखिरी दिन देर शाम तक दफ्तरों में काम का दबाव बना रहा. बीते वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान भागलपुर जिले में कुल 21,823 जमीन और घरों की रजिस्ट्री दर्ज की गयी. इस भारी संख्या में हुए निबंधन के माध्यम से सरकार के खजाने में कुल 210 करोड़ 15 लाख 69 हजार 85 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. यह आंकड़ा जिले में रियल एस्टेट सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है. अंतिम दिन का लेखा-जोखा : 206 रजिस्ट्रियां और करोड़ों की कमाई 31 मार्च को वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन रजिस्ट्री कार्यालय में आवेदकों का तांता लगा रहा. रजिस्ट्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस एक दिन में कुल 206 संपत्तियों की रजिस्ट्री की गयी. अंतिम दिन की भागदौड़ से सरकार को दो करोड़ 17 लाख 46 हजार 186 रुपये का राजस्व मिला. शुल्क बढ़ने की आहट से उमड़ी भीड़ रजिस्ट्री कार्यालय में सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ जुटने का मुख्य कारण एक अप्रैल से लागू होने वाली नई दरें रहीं. ऐसी सूचना थी कि नये वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही जमीन रजिस्ट्री के शुल्क में बढ़ोतरी हो जायेगी. इसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचने के लिए लोग सुबह से लेकर देर शाम तक अपनी संपत्तियों का निबंधन कराने के लिए कतारों में खड़े नजर आये. कार्यालय में भारी भीड़ को देखते हुए कर्मचारियों ने भी अतिरिक्त समय तक कार्य किया, ताकि आवेदकों को निराशा न हाथ लगे.
bhagalpur news. मार्च क्लोजिंग पर रजिस्ट्री की धूम, एक साल में सरकार को मिले 210 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व
वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन भागलपुर रजिस्ट्री कार्यालय में भारी गहमागहमी देखी गयी
