भागलपुर में तूफान तो छह दिन पहले ही चला गया, पर सड़कों पर गिरे पेड़ को अब तक नहीं हटाया
Bhagalpur News : भागलपुर में आए भीषण तूफान को छह दिन बीत चुके हैं, लेकिन हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं. शहर के कई इलाकों में गिरे पेड़ों की टहनियां अब भी सड़कों पर पड़ी हैं, जिससे साफ है कि राहत और सफाई कार्य में गंभीर लापरवाही हुई है.
भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट
Bhagalpur News : सोमवार की रात आये तूफान ने शहर में भारी तबाही मचाई थी. कई स्थानों पर बड़े पेड़ गिर गए थे और बिजली के तार व खंभे भी क्षतिग्रस्त हो गए थे. प्रशासन और बिजली विभाग की तत्परता से लगभग 45 घंटे में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन पेड़ों और मलबे की सफाई अब तक पूरी नहीं हो सकी है.
शहर के कई हिस्सों में अब भी सड़क पर पेड़ के टुकड़े
तूफान के छह दिन बाद भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. शहर के कई इलाकों में टूटे हुए पेड़ों की बड़ी-बड़ी टहनियां सड़कों पर पड़ी हैं. तिलकामांझी से बरारी रोड तक और जिलाधिकारी आवास से वन विभाग कार्यालय तक जाने वाले मार्ग पर मलबा अभी भी फैला हुआ है, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है.
यातायात प्रभावित, बढ़ा दुर्घटना का खतरा
सड़कों पर पड़े पेड़ों के कारण यातायात बाधित हो रहा है. कई जगह वाहन चालकों को जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सफाई नहीं की गई तो दुर्घटना की आशंका और बढ़ सकती है.
वन विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप
स्थानीय लोगों ने वन विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि विभाग की जिम्मेदारी होने के बावजूद अब तक कई जगहों से पेड़ और टहनियां नहीं हटाई गई हैं. शुरुआती दिनों में कुछ कार्रवाई हुई, लेकिन बाद में काम ठप पड़ गया.
जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद नहीं हुआ पूरा पालन
जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी ने शहर में सूखे और कमजोर पेड़ों को हटाने का आदेश दिया था. नगर निगम और वन विभाग ने शुरुआती दिन में कुछ कार्रवाई की, लेकिन उसके बाद इस पर ध्यान नहीं दिया गया. इससे प्रशासनिक आदेशों के पालन पर भी सवाल उठ रहे हैं.
वन विभाग परिसर और हवाई अड्डा रोड पर भी खतरा बरकरार
वन विभाग परिसर की चारदीवारी से सटे कई सूखे पेड़ अब भी खड़े हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं. वहीं हवाई अड्डा रोड पर दो बड़े सूखे पेड़ अब भी नहीं हटाए गए हैं. यह स्थिति लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है.
जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ सकता है खतरा
तूफान के बाद राहत कार्य तो तेजी से हुए, लेकिन सफाई और जोखिम वाले पेड़ों को हटाने में लापरवाही अब सवालों के घेरे में है. यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.