Politics in Bhagalpur. भाजपा में बागियों के तेवर तल्ख, इनसे निपटना रोहित पांडे के लिए चुनौती

भागलपुर में भाजपा में घमासान.

– अर्जित शाश्वत 17 को, प्रशांत विक्रम 18 को दाखिल करेंगे बतौर निर्दलीय नामांकन, डॉ प्रीति शेखर ने भी कटवाया एनआरललित किशोर मिश्र, भागलपुरकहा जाता है कि बाहरी दुश्मनों से किसी भी रूप में लड़कर जीत हासिल की जा सकती है, लेकिन अगर अपने ही लोग बगावत करने लगे तो दुश्वारियां कभी कम नहीं हो सकती है. कुछ ऐसी ही स्थिति भागलपुर विधानसभा में फिलहाल भाजपा की है. मंगलवार को बतौर भाजपा प्रत्याशी रोहित पांडे के नाम की घोषणा के साथ बगावत खुलकर सामने आ गया है. वह एक नहीं बल्कि पार्टी के तीन सक्रिय नेता बगावत की राह पर हैं. तीनों से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में कूदने का एलान कर दिया है. पिछले के कुछ चुनाव में भागलपुर में भाजपा प्रत्याशी को अपनों के विरोध का सामना करना पड़ा है.बगावत करने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित शाश्वत चौबे, प्रशांत विक्रम व प्रदेश भाजपा मीडिया पैनेलिस्ट डॉ प्रीति शेखर के नाम शामिल हैं. अर्जित ने 17 अक्टूबर को व प्रशांत विक्रम ने 18 को बतौर निर्दलीय नामांकन पत्र दाखिल करने का एलान किया है. अर्जित पहले ही एनआर कटवा चुके हैं. प्रीति शेखर ने बुधवार को एनआर कटाया है. बेशक, इन्हें मनाने की कोशिश होगी, लेकिन इनमें से कोई मैदान में रहते हैं तो भाजपा प्रत्याशी को मुश्किल का सामना करना पड़ेगा. इन बागियों ने निपटना रोहित पांडे के लिए बड़ी चुनौती होगी.

– 2015 में विजय साह बने थे बागी, 2020 में लोजपा से चुनाव लड़कर राजेश वर्मा ने भाजपा को पहुंचाया था नुकसान

2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के भागलपुर विधानसभा के विधायक रहे अश्विनी कुमार चौबे को पार्टी ने बक्सर लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया था. भागलपुर विधानसभा में उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी नभय कुमार चौधरी को कांग्रेस के अजीत शर्मा से हार का सामना करना पड़ा था. तब हार की एक वजह पार्टी में अंतर्कलह को चिह्नित किया गया था. 2015 के विधानसभा चुनाव में भारी विरोध के बीच भाजपा ने अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित शाश्वत चाैबे को प्रत्याशी बनाया. ये भी अजीत शर्मा से हारे. तब टिकट की घोषणा के साथ ही अर्जित का विरोध शुरू हो गया था. पार्टी के महानगर अध्यक्ष विजय साह ने पार्टी के कुछ नेताओं के साथ निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गये थे. यह अर्जित के हार का कारण रहा. 2020 में भाजपा ने रोहित पांडे को पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया. इससे पार्टी का एक गुट रोहित पांडे का भीतर ही भीतर विरोध करने लगा. वहीं लोजपा से निगम के डिप्टी मेयर राजेश वर्मा चुनाव लड़े. राजेश वर्मा को बीस हजार से अधिक वोट आये. इस चुनाव में फिर भाजपा की हार हुई और तीसरी बार अजीत शर्मा कांग्रेस के विधायक बने.

– क्या कहते हैं बगावत करने वाले भाजपा नेता

– विधानसभा चुनाव लड़ना तय थाभाजपा की मीडिया पैनेलिस्ट डॉ प्रीति शेखर जो पार्टी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया है. वो कहती हैं, पार्टी की इतनी सेवा करने के बाद भी क्या मिला. इस बार मन भी बनाया था और पूरी तैयारी कर रही थी. जनता का आर्शीवाद मेरे साथ है.

डॉ प्रीति शेखर, प्रदेश मीडिया पैनेलिस्ट, भाजपा

– 18 अक्टूबर को आवास से निकलेगा नामांकन जुलूसप्रशांत विक्रम ने 18 अक्तूबर को नामांकन करने की कही है. कहा कि वह अपने आवास से नामांकन जुलूस निकालेंगे. अपने माता-पिता, घर के बड़े सदस्यों व बड़ों का आशीर्वाद लेकर नामांकन करने जायेंगे. कहा कि जनता का भरोसा पहले से ही मिला हुआ है.

प्रशांत विक्रम, भाजपा नेता सह शिक्षाविद

– जनता व समर्थकों के कहने पर कूद रहे हैं मैदान मेंभागलपुर विधानसभा क्षेत्र की जनता व समर्थकों के कहने पर चुनावी मैदान में कूद रहे हैं. जनता का पूरा साथ है. 17 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे. 365 दिन पार्टी के लिए काम करते है. अब जनता की बात मानूंगा. पीछे नहीं हटेंगे.

डॉ अर्जित शाश्वत चौबे, भाजपा नेता.

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By KALI KINKER MISHRA

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