bhagalpur news. टीएमबीयू में कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने शुरू किया विवि प्रशासन का विरोध

टीएमबीयू के अंगीभूत कॉलेजों व पीजी विभागों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों का सेवा नवीकरण नहीं होने पर विवि प्रशासन का विरोध शुरू हो गया है.

टीएमबीयू के अंगीभूत कॉलेजों व पीजी विभागों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों का सेवा नवीकरण नहीं होने पर विवि प्रशासन का विरोध शुरू हो गया है. बुधवार को मांग को लेकर टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ के तत्वावधान में विवि प्रशासनिक भवन में एक दिवसीय धरना दिया. मौके पर संघ के अध्यक्ष डॉ आनंद आजाद ने कहा कि दिन भर धरना पर बैठे रहने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सेवा नवीकरण को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया. इस दौरान रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे ने धरना स्थल पर आकर कुलपति से वार्ता के हवाले से कहा कि कुलपति का कहना है कि जब तक राजभवन से अनुमति नहीं मिल जाती, विवि कुछ नहीं कर सकता है. वहीं, सभी अतिथि शिक्षकों ने निर्णय लिया कि 26 जून तक सेवा अवधि विस्तार नहीं होता है, 27 जून से कुलपति के आवासीय कार्यालय के समक्ष धरना देंगे. मौके पर डॉ अजीत कुमार सोनू, डॉ पवन कुमार जायसवाल, डॉ आलोका कुमारी, डॉ धीरेंद्र कुमार, डॉ प्रियतम कुमार, डॉ सर्पराज रामानंद सागर, डॉ आदित्य नारायण, डॉ रेणु कुमारी, डॉ रविशंकर, डॉ गौरव कुमार, डॉ शरद राय, डॉ राजेंद्र यादव, डॉ अजहर अली, डॉ राजीव रंजन, डॉ चंदा कुमारी, डॉ टीना ट्विंकल, डॉ प्रानजा श्री, डॉ चन्द्रमणि, डॉ नेहा रागिनी, डॉ सितारे हिंद, डॉ प्रसून प्रकाश आदि मौजूद थे. सिंडिकेट सदस्यों ने किया समर्थन अतिथि शिक्षकों की सेवा नवीकरण की मांग को सिंडिकेट सदस्यों ने समर्थन किया है. सिंडिकेट सदस्य डॉ मुश्फिक आलम, डॉ केके मंडल, डॉ निर्लेश कुमार व डॉ मुकेश कुमार धरना में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों की मांग जायज है. राज्य सरकार के संकल्प के निर्देशानुसार किया जाता है. इसके लिए राजभवन से अनुमति लिए जाने की कोई आवश्यकता नहीं है. विवि प्रशासन अविलंब अतिथि शिक्षकों की सेवा का नवीकरण करना चाहिए.

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By Atul kumar

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