भागलपुर जिले के सरकारी प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) को लेकर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. अब विद्यालयों के उपस्थिति रजिस्टर में शिक्षकों के नाम उनकी आपसी वरीयता (सीनियरिटी) के आधार पर ही दर्ज किए जाएंगे.
इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) चंदन कुमार ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) और विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किया है.
लगातार मिल रही थीं शिकायतें, 9 सितंबर को जारी हुआ कड़ा पत्र
जिले के कई विद्यालयों से शिक्षकों द्वारा लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं कि प्रधानाध्यापक अपनी मनमर्जी से उपस्थिति पंजी में नाम दर्ज कर रहे हैं और आपसी वरीयता की अनदेखी की जा रही है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीईओ चंदन कुमार ने 9 सितंबर 2026 को आधिकारिक पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट की. पत्र में विभाग द्वारा 12 फरवरी 2026 को जारी मार्गदर्शिका के आलोक में तत्काल वरीयता निर्धारित कर उसी क्रम में शिक्षकों के नाम रजिस्टर में अंकित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे और शिकायतों की पुनरावृत्ति न हो.
कहलगांव में शिक्षिका की शिकायत पर तत्काल एक्शन
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) अमित राज ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश का कहलगांव प्रखंड में शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा.
उन्होंने जानकारी दी कि कहलगांव प्रखंड में शिक्षिका लता कुमारी की ओर से वरीयता की अनदेखी से संबंधित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसकी जांच कर नियमानुसार उन्हें वरीयता सूची में उचित स्थान प्रदान कर दिया गया है.
लापरवाही बरतने वाले प्रधानाध्यापकों पर गिरेगी गाज
बीईओ ने प्रखंड के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि वे विभाग की मार्गदर्शिका के अनुसार ही उपस्थिति पंजी संधारित करें.
यदि किसी विद्यालय में वरीयता क्रम का उल्लंघन पाया गया या किसी शिक्षक की जायज वरीयता की अनदेखी की गई, तो संबंधित प्रधानाध्यापक के विरुद्ध अनुशासनहीनता और विभागीय नियमों की अवहेलना का मामला मानते हुए सख्त विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.
