समृद्धि यात्रा के क्रम में बैजानी पंचायत में जन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई अहम घोषणाएं की. उन्होंने खास तौर पर एयरपोर्ट निर्माण, रोजगार सृजन, उद्योग विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में एयरपोर्ट की स्थापना को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है. बजट में एयरपोर्ट के लिए विशेष प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही मखाना बोर्ड की स्थापना और पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के लिए भी वित्तीय सहायता दी जा रही है.उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास किया जायेगा. सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किये जा रहे हैं और बड़े उद्योगों को आकर्षित करने के लिए मुफ्त जमीन और अनुदान की व्यवस्था की गयी है. बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की योजना भी बनी है. साथ ही राज्य में 5 नये एक्सप्रेस-वे के निर्माण और ग्रामीण सड़कों को टू-लेन में चौड़ा करने का काम किया जायेगा. पटना में स्पोर्ट्स सिटी और नये नियोजित शहरों के विकास पर भी जोर दिया गया है.
एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य, महिलाओं को आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय और सात निश्चय-2 के तहत युवाओं, महिलाओं और बुनियादी सुविधाओं पर व्यापक काम हुआ है. अब तक 10 लाख सरकारी नौकरियां और 40 लाख रोजगार दिए जा चुके हैं. उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा. साथ ही 94 लाख गरीब परिवारों की पहचान कर उन्हें 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की योजना चलायी जा रही है, जिसमें से 83 लाख से अधिक परिवारों को लाभ मिलना शुरू हो चुका है. वृद्ध, दिव्यांग और विधवा पेंशन को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये किया गया है, जिससे 1.14 करोड़ लोगों को फायदा हो रहा है.2005 से पहले राज्य की स्थिति बेहद खराब थी, अब बना है भयमुक्त माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को एनडीए सरकार बनने के बाद से बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ है और लगातार विकास कार्य हो रहे हैं. इससे पहले राज्य की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन अब भयमुक्त माहौल बना है. उन्होंने बताया कि 2006 से कब्रिस्तानों की घेराबंदी और 2016 से पुराने मंदिरों की सुरक्षा के लिए घेराबंदी का काम शुरू किया गया, जिससे सामाजिक विवाद और चोरी की घटनाओं में कमी आयी है.
नियोजित शिक्षकों को अवसर देकर बनाया जायेगा सरकारी शिक्षक
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर काम हुआ है. बड़ी संख्या में नये स्कूल खोले गये और छात्र-छात्राओं के लिए पोशाक व साइकिल योजना लागू की गयी. 2023 से बीपीएससी के माध्यम से 2.58 लाख शिक्षकों की बहाली हुई है और अब कुल सरकारी शिक्षकों की संख्या 5.24 लाख हो गयी है. शेष नियोजित शिक्षकों को भी अवसर देकर सरकारी शिक्षक बनाया जायेगा.स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बहुत कम मरीज आते थे, लेकिन अब हर महीने औसतन 11,600 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़ाकर 12 कर दी गयी है और आगे और विस्तार किया जा रहा है.
बड़े उद्योगों को आकर्षित करने के लिए दी जायेगी जमीन और अनुदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में एयरपोर्ट निर्माण, मखाना बोर्ड की स्थापना और पश्चिमी कोसी नहर जैसी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है. अगले पांच वर्षों में औद्योगिक विकास को गति दी जायेगी, सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे और बड़े उद्योगों को आकर्षित करने के लिए जमीन व अनुदान दिया जायेगा.इसके साथ ही 5 नये एक्सप्रेस-वे का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण और पटना में स्पोर्ट्स सिटी का विकास किया जायेगा. उन्होंने कहा कि हर इच्छुक परिवार के घरों पर सोलर पैनल लगाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है.
कृषि, महिला सशक्तिकरण और विकास की रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि रोड मैप के तहत राज्य में उत्पादन बढ़ा है और मछली उत्पादन में बिहार आत्मनिर्भर हुआ है. डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है.महिला सशक्तिकरण के तहत पंचायतों और नगर निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण, पुलिस और सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया गया है. स्वयं सहायता समूहों के जरिए 1.69 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं.महत्वूर्ण बातें
-इच्छुक परिवारों को सोलर पैनल लगाने की योजना पर भी काम शुरू. -जाति आधारित गणना में 94 लाख गरीब परिवार चिन्हित किये गये हैं, जिन्हें रोजगार के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है.-महिला सशक्तिकरण के तहत पंचायतों और नगर निकायों में 50% आरक्षण, पुलिस और सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण लागू किया गया है.
-जीविका समूहों के माध्यम से 1.69 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं.-प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने का लक्ष्य—
