मुख्य बातें:
सुलतानगंज, भागलपुर से शुभंकर की रिपोर्ट
सुलतानगंज-देवघर मुख्य सड़क मार्ग पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) की सुरक्षा और तकनीकी मजबूती को लेकर प्रशासनिक मुस्तैदी की पोल खुल गई है. पुल पर भारी वाहनों के नो-एंट्री आदेश को धरातल पर उतारने के लिए लगाया गया भारी-भरकम लोहे का बैरियर महज 24 घंटे भी नहीं टिक सका. भारी वाहन चालकों की मनमानी और दबंगई के कारण ओवरब्रिज के दक्षिणी छोर पर लगाया गया सुरक्षा बैरियर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. इस घटना ने न केवल यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं, बल्कि श्रावणी मेले से ठीक पहले स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और दावों पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.
कंपन और तकनीकी खामियों के कारण लगी थी रोक; बस ने तोड़ा वेल्डिंग
- क्यों लगा था बैरियर: पिछले दिनों जांच के दौरान इस मुख्य रेलवे ओवरब्रिज में कुछ गंभीर तकनीकी खामियां पाई गई थीं और भारी वाहनों के गुजरने पर इसमें असामान्य कंपन (Vibration) दर्ज किया गया था. इसके बाद जिला व अनुमंडल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुल के दोनों सिरों पर लोहे के ऊंचे बैरियर खड़े कर बसों और ट्रकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था.
- दबंगई का नजारा: स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार को प्रतिबंध के बावजूद एक बड़ी सवारी बस के चालक ने जबरन ओवरब्रिज को पार करने का प्रयास किया. इस दौरान बस का ऊपरी हिस्सा लोहे के अवरोधक से टकराया, जिससे बैरियर का मुख्य सपोर्टिंग एंगल टूट गया और उसकी मजबूत वेल्डिंग उखड़ गई. बैरियर के क्षतिग्रस्त होते ही अन्य भारी वाहनों ने भी धड़ल्ले से पुल पार करना शुरू कर दिया.
श्रावणी मेले से पहले मंडराया बड़ा खतरा; मूकदर्शक बना रहा विभाग
स्थानीय नागरिकों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बैरियर टूटने और सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होने के बाद भी संबंधित पथ निर्माण विभाग (RCD) या स्थानीय पुलिस-प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर सुध लेने नहीं पहुंचा. श्रावणी मेला शुरू होने में अब बहुत कम समय बचा है. मेला अवधि में इस ओवरब्रिज से हर दिन देश-विदेश के हजारों श्रद्धालु, कांवरिया वाहन और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं गुजरेंगी. अगर कमजोर पुल पर भारी बसों का लोड ऐसे ही बना रहा, तो सावन में कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है.
Rail Overbridge Barrier: मजबूत और स्थाई कंक्रीट अवरोधक लगाने की मांग
सुलतानगंज की प्रबुद्ध जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भागलपुर जिला प्रशासन से मांग की है कि केवल वेल्डिंग के सहारे खड़े कमजोर लोहे के बैरियर के बजाय वहां रेलवे की तर्ज पर स्थाई कंक्रीट या फिक्स हाइट गेज (Height Gauge) लगाए जाएं.
साथ ही, नो-एंट्री का उल्लंघन करने वाले बस ऑपरेटरों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उनके परमिट रद्द किए जाएं. अब देखना यह होगा कि श्रावणी मेले के वीआईपी दौर से पहले प्रशासन इस टूटे बैरियर की मरम्मत कर भारी वाहनों पर नकेल कस पाता है या किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है.
