भागलपुर, बांका और मुंगेर जिले के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी सुल्तानगंज-कटोरिया रेल लाइन परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है. इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण का काम आगामी दिसंबर महीने से युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा. पूर्व रेलवे द्वारा इसके लिए सभी जरूरी कागजी तैयारियां पूरी की जा रही हैं. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही इस रूट पर पटरियां बिछाने का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा, जिससे सीमांचल और पूर्वी बिहार में विकास के नए रास्ते खुलेंगे.
सुल्तानगंज एयरपोर्ट के कारण बदला रूट, फिर से हुआ सर्वे
इस रेल परियोजना के बीच में प्रस्तावित सुल्तानगंज एयरपोर्ट के निर्माण की योजना आ गई थी. रेल लाइन के लिए पहले से चिह्नित जमीन का एक बड़ा हिस्सा सुल्तानगंज एयरपोर्ट के एरिया में चला गया. एयरपोर्ट के लिए जमीन चले जाने के कारण रेलवे को इस रेलखंड का नक्शा और अलाइनमेंट बदलना पड़ा. जितनी जमीन एयरपोर्ट के हिस्से में गई, रेलवे ने नए सिरे से उतनी जमीन का दोबारा सर्वे किया. नक्शा बदलने, रूट की लंबाई में संभावित वृद्धि और महंगाई बढ़ने के कारण पूर्व रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग ने योजना का री-एस्टीमेट (संशोधित बजट) तैयार किया है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए रेलवे बोर्ड भेज दिया गया है.
₹331 करोड़ से बढ़कर ₹3000 करोड़ तक पहुंचा बजट
यह रेल परियोजना साल 2007-08 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में लाई गई थी. उस समय सुल्तानगंज से कटोरिया तक 74.80 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की योजना थी और इसका कुल बजट मात्र 331 करोड़ रुपये तय किया गया था.
सालों तक फाइल बंद रहने और अब नए सिरे से सर्वे होने के बाद इस प्रोजेक्ट की लागत बढ़कर लगभग 3,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. वर्तमान में बांका से कटोरिया तक रेल लाइन बिछ चुकी है, लेकिन कटोरिया से सुल्तानगंज तक का काम पूरी तरह से लंबित है. इस नई लाइन के चालू होने से सावन के महीने में सुल्तानगंज से जल भरकर देवघर जाने वाले कांवरियों को सीधे ट्रेन की सुविधा मिलेगी, जो उनके लिए एक बड़ी राहत साबित होगी.
दिसंबर से अधिग्रहण, कंस्ट्रक्शन विभाग ने कसी कमर
पूर्व रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत की निगरानी में इस पूरी योजना का नया खाका तैयार किया गया है. इस प्रोजेक्ट की प्रगति पर आधिकारिक जानकारी देते हुए डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत ने बताया कि लगभग तीन हजार करोड़ रुपये की इस रेल योजना को लेकर तैयारियां तेजी के साथ की जा रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि दिसंबर से भूमि अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया जाएगा. प्रशासन का पूरा जोर जमीन अधिग्रहण को जल्द से जल्द पूरा करने पर है, जिसके तुरंत बाद निर्माण कार्य तेज कर दिया जाएगा.
