सुलतानगंज-अगुवानी पुल निर्माण में तेजी, बीच गंगा में रात 12 बजे शुरू हुआ ढलाई कार्य

Sultanganj Aguwani Ganga Bridge: निर्माण एजेंसी ने बताया कि केवल पाया संख्या-11 ही नहीं, बल्कि पाया संख्या-10 और 12 पर भी वेलकैप कटिंग का कार्य तेजी से चल रहा है. इसके बाद वहां भी सरिया बांधने और फाउंडेशन ढलाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

सुलतानगंज (भागलपुर) से शुभंकर की रिपोर्ट:

Sultanganj Aguwani Ganga Bridge: सुलतानगंज-अगुवानी गंगा फोरलेन पुल परियोजना एक बार फिर निर्णायक चरण में पहुंच गई है. पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार रात 12 बजे से गंगा की बीच धारा में पाया संख्या-11 के फाउंडेशन की कंक्रीट ढलाई शुरू कर दी गई है. निर्माण एजेंसी द्वारा यह कार्य लगातार 24 घंटे चलाया जाएगा.

वेलकैप कटिंग के बाद शुरू हुई ढलाई

परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर रविशंकर सिंह ने बताया कि पाया संख्या-11 पर वेलकैप कटिंग का कार्य पूरा होने के बाद सरिया बांधकर फाउंडेशन तैयार किया गया. इसके बाद देर रात से कंक्रीट ढलाई शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता और मजबूती बनाए रखने के लिए ढलाई का कार्य बिना रुके जारी रहेगा.

डेढ़ महीने में तैयार हो सकता है पिलर

प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार फाउंडेशन निर्माण पूरा होने के बाद उसके ऊपर पिलर का निर्माण शुरू किया जाएगा. यदि मौसम और तकनीकी परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो करीब 40 से 45 दिनों के भीतर पाया संख्या-11 तैयार कर लिया जाएगा.

अन्य पायों पर भी तेज हुआ काम

निर्माण एजेंसी ने बताया कि केवल पाया संख्या-11 ही नहीं, बल्कि पाया संख्या-10 और 12 पर भी वेलकैप कटिंग का कार्य तेजी से चल रहा है. इसके बाद वहां भी सरिया बांधने और फाउंडेशन ढलाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

लोगों की बढ़ी उम्मीदें

गंगा पुल परियोजना में पहले आई तकनीकी चुनौतियों और दुर्घटनाओं के कारण निर्माण कार्य लंबे समय तक प्रभावित रहा. अब निर्माण कार्य में आई तेजी से स्थानीय लोगों और यात्रियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं. लोगों का मानना है कि यदि इसी रफ्तार से काम चलता रहा तो वर्षों से प्रतीक्षित यह महत्वाकांक्षी परियोजना जल्द पूरी हो सकेगी.

गुणवत्ता और समय सीमा पर फोकस

निर्माण एजेंसी का कहना है कि धार्मिक परंपराओं और तकनीकी मानकों का पालन करते हुए कार्य किया जा रहा है. परियोजना में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है. एजेंसी ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

तीन बड़े हादसों के बाद फिर पटरी पर लौटी परियोजना

वर्ष 2015 में शिलान्यास के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तीन बड़े हादसों और तकनीकी गड़बड़ियों का सामना करना पड़ा था. इसके कारण निर्माण कार्य कई बार बाधित हुआ. अब नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू होने के बाद परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं.

उत्तर और दक्षिण बिहार को मिलेगा सीधा संपर्क

गंगा फोरलेन पुल के चालू होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा. इससे यात्रा समय में कमी आएगी, व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी. साथ ही प्रस्तावित डॉल्फिन पार्क के विकसित होने से पर्यटन क्षेत्र को भी लाभ मिलने की संभावना है.

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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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