राजकीय डिग्री महाविद्यालय, खरीक में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित निष्पादन के उद्देश्य से विशेष 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया.
'सबका सम्मान, सबका जीवन आसान' के मूल मंत्र के साथ आयोजित इस शिविर में महाविद्यालय के सभी संकायों के छात्र-छात्राएं और प्राध्यापक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. शिविर का मुख्य उद्देश्य छात्रों के अकादमिक, सह-पाठ्यक्रम और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कठिनाइयों को सीधे सुनना और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना था.
लाइब्रेरी, एनसीसी और खेलों की छात्रों ने उठाई जोरदार मांग
शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी प्राथमिकताओं और कॉलेज की कमियों को बेबाकी से शिक्षकों के समक्ष रखा.
हिंदी विभाग के छात्र अविनाश ने परिसर में बैडमिंटन खेल को नियमित खेल गतिविधियों में शामिल करने का अनुरोध किया, जबकि छात्रा रिया कुमारी ने छात्राओं के लिए कबड्डी खेल शुरू करने की वकालत की. छात्र शिवम ने कॉलेज में एनसीसी (NCC) इकाई के गठन की इच्छा जताई, जिससे युवाओं को सेना व अनुशासन का प्रशिक्षण मिल सके. वहीं छात्र गौरव, चंदन और दिलखुश ने कॉलेज में अविलंब सुसज्जित पुस्तकालय (लाइब्रेरी) शुरू करने की मांग रखी, ताकि पठन-पाठन सामग्री के लिए बाहर न भटकना पड़े. शिक्षकों ने आश्वस्त किया कि इन सभी मांगों को संकलित कर समाधान के लिए उप विकास आयुक्त (DDC) को रिपोर्ट भेजी जाएगी.
75% उपस्थिति अनिवार्य, छात्र ही कॉलेज की रीढ़: प्राचार्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य जलेश्वर सिंह ने छात्रों को अनुशासित रहने और पठन-पाठन पर ध्यान केंद्रित करने की सीख दी.
प्राचार्य ने कहा कि विश्वविद्यालय के स्पष्ट निर्देशानुसार सभी छात्र-छात्राओं को कक्षाओं में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज करानी होगी. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि छात्र हैं तभी इस महाविद्यालय का अस्तित्व है. कॉलेज प्रशासन हर कदम पर छात्रहितों की रक्षा और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
हर माह के चौथे मंगलवार को लगेगा शिविर, पेयजल व्यवस्था हुई शुरू
नोडल अधिकारी ब्रजेश सिंह ने विद्यार्थी सहयोग शिविर की रूपरेखा और इसके उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी. प्राध्यापक राजीव कुमार ने विद्यार्थियों को सूचित किया कि कॉलेज में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था पूरी कर ली गई है और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी जल्द बहाल होंगी.
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. चैतन्य प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार अब प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को कॉलेज परिसर में यह शिविर नियमित रूप से आयोजित होगा. शिविर में डॉ. रुचि, डॉ. प्रिंस, डॉ. अमृता, डॉ. सोनम, डॉ. फैज, डॉ. अरुण और कृष्ण कुमार सहित सभी शिक्षक उपस्थित थे. इस दौरान अंजलि, मुस्कान, तनीषा, सोनाली, नेहा, कोमल, स्वीटी, स्वाति, श्वेता, नीलू, रोशन, आशा व बुलबुल सहित सैकड़ों विद्यार्थी मौजूद रहे.
