दीपावली के पटाखों के धुएं ने मौसम का मिजाज बदल दिया है. वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है. जो खराब श्रेणी तक पहुंच गया है. सांस व हार्ट के मरीजों के लिए यह स्थिति खतरनाक है. इस स्थिति में सुधार के लिए हल्की बारिश की आवश्यकता है, जिससे वायुमंडल में मौजूद प्रदूषित कण नीचे बैठ जायेगा. ऐसे में मरीजों को सावधान रहने की जरूरत है. भागलपुर ही नहीं बिहार के कई अन्य शहरों में भी वायु प्रदूषण का स्तर खराब से बहुत खराब हो गया है, जिसमें वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 184 के बीच है. मुख्य कारण पटाखों से निकलने वाले कण हैं जो धीमी हवा के कारण हवा में फंसे हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं. मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि 25 अक्टूबर के आसपास बारिश होने से प्रदूषण के स्तर में सुधार हो सकता है.शहर के वरीय चिकित्सक डॉ विनय कुमार झा ने बताया कि पटाखों के धुएं के कारण यह स्थिति बनी है. बुजुर्गों व सांस संबंधी बीमारियों वाले व्यक्तियों को घर के अंदर ही रहना चाहिए, खासकर सुबह व शाम के समय. हार्ट के मरीज भी अभी के समय अपना ध्यान रखे.
मौसम का पूर्वानुमान
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 22-26 अक्टूबर के दौरान जिले में आसमान में हल्के बादल एवं मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. अधिकतम तापमान 31-32 डिग्री सेंटीग्रेड और न्यूनतम तापमान 21-22 डिग्री सेंटीग्रेड रहने की संभावना है. पूर्वानुमान की अवधि में 02-03 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से अगले तीन दिन पछिया व उसके बाद पूरबा हवा चलने की संभावना है. बुधवार को अधिकतम तापमान 32.3 व न्यूनतम 21.9 डिग्री सेल्सियस रहा.
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