जिले के विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित जांच दल की ओर से अवैध नर्सिंग होम, क्लिनिक में छापेमारी जारी है. एक बार फिर छह अवैध नर्सिंग होम में छापेमारी की गयी. जांच में गड़बड़ी पाये जाने पर उसे सील करके आर्थिक दंड के रूप में 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया. मुंदीचक स्थित जेएस क्लिनिक में जांच के क्रम में चिकित्सक उपस्थित नहीं थे. संचालक से बिहार काउंसिल ऑफ रजिस्ट्रेशन से पंजीकृत का प्रमाणपत्र मांग करने पर उपलब्ध नहीं कराया गया. क्लिनिक में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे क्लिनिक में संक्रमण का खतरा बना हुआ था. यह मानक का पालन नहीं कर रहा था. सील करते हुए 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया. नवगछिया में पांच अवैध क्लिनिक पर हुई कार्रवाई वही नवगछिया के डॉ ए बहाव-ए मन्नान मेमोरियल क्लिनिक में चिकित्सक एवं स्टॉफ उपस्थित नहीं थे. आस-पास के लोगों से पूछने पर ज्ञात हुआ कि डाॅ ए बहाव कभी-कभी आते हैं. क्लिनिक में प्रतिदिन रोगी देखा जाता है. चिकित्सक के नाम पर किसी अप्रशिक्षित कर्मी द्वारा मरीजों इलाज किया जाता है. यह निबंधित भी नहीं है. झोलाछाप चिकित्सक चला रहे हैं. इसे सील करते हुए 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया. वहीं नवगछिया के प्रोफेसर कॉलोनी चौक समीप डॉ संपत कुमार राय के क्लिनिक में छापमारी की गयी. जांच दल द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन में पाया गया कि क्लिनिक के संचालन में क्लिनिकल एक्ट का पालन नहीं कर रहा है. जांच के क्रम में पाया गया कि बिहार डेवलपमेंट ऑफ आयुर्वेदिक एण्ड यूनानी सिस्टम ऑफ मेडिसिन एक्ट 1951 के अधीन पंजीकृत है परंतु क्लिनिक में एलोपथी दवाओं से उपचार किया जाता है, जो मेडिकल काउंसिल के नियम के विरुद्ध है. इसे सील करके 50000 रुपये का जुर्माना लगाया गया. कदवा बाजार नवगछिया में गुरु हास्पिटल को भी सील करके 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया. यह भी मानक का पालन नहीं कर रहा था. नवगछिया मकंदपुर चौक स्थित सॉर्ड केयर सेन्टर का संचालन बंद करने और 50 हजार का आर्थिक दंड लगाया गया. यहां भी जांच में चिकित्सक फरार थे. स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां प्रसव भी कराया जाता है. क्लिनिक में बोर्ड नहीं लगा हुआ था. क्लिनिक में बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का पालन नहीं किया जा रहा था. अस्पताल में कोई भी स्टॉफ प्रशिक्षित नहीं पाया गया. वहीं नवगछिया मदन अहिल्या महाविद्यालय के सामने हरनाथचक स्थित चित्रांश हेल्थ केयर के संचालक अमित सिन्हा पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया. साथ ही क्लिनिक को सील करने का आदेश दिया. जांच में पाया गया कि यहां किसी मानक का पालन नहीं हो रहा है. पहले दूसरे नाम से क्लिनिक चल रहा था. एक मरीज की मौत होने पर प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया था. फिर उसी मकान में परिवर्तित नाम से अवैध रूप से क्लिनिक संचालित किया जा रहा था. क्लिनिक में चिकित्सक एवं स्टॉफ उपस्थित नहीं थे.
bhagalpur news. फिर छह नर्सिंग होम को किया गया सील, अवैध चिकित्सक पर लगाया 50 हजार का जुर्माना
जिले के विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित जांच दल की ओर से अवैध नर्सिंग होम, क्लिनिक में छापेमारी जारी है.
