bhagalpur news. पिता का आरोप, व्हाटसएप पर क्लासमेट ने प्रताड़ित किया, परेशान छात्रा ने की खुदकुशी

खंजरपुर के झौवाकोठी स्थित मां विंध्यवासिनी छात्रावास में नीट की तैयारी कर रही छात्रा सृष्टि उर्फ लाडो की आत्महत्या मामले में पिता मनीष सिंह ने अररिया के ही एक युवक को आरोपित करते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है.

खंजरपुर के झौवाकोठी स्थित मां विंध्यवासिनी छात्रावास में नीट की तैयारी कर रही छात्रा सृष्टि उर्फ लाडो की आत्महत्या मामले में पिता मनीष सिंह ने अररिया के ही एक युवक को आरोपित करते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी है. आरोपित युवक अररिया निवासी किसलय कुमार सिंह है. पिता का आरोप है कि युवक ने व्हाटसएप मैसेंजर पर सृष्टि को भद्दी भद्दी बात कह कर प्रताड़ित किया. इसी प्रताड़ना के कारण सृष्टि ने फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली. आरोपित युवक छात्रा का क्लासमेट बताया जा रहा है. हालांकि परिजनों ने सृष्टि और किसलय के बारे में कुछ भी ज्यादा जानकारी देने से मना किया. लेकिन परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि जल्द से जल्द युवक पर कानूनी कार्रवाई हो, ताकि उनलोगों को न्याय मिल सके. इधर बरारी थाना पुलिस ने सृष्टि के शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सुपुर्द कर दिया है. दोपहर बाद तक परिजन सृष्टि के शव को लेकर अररिया के लिए रवाना हो गये थे. इधर बरारी पुलिस मामले में छानबीन कर रही है. पुलिस को फोरेंसिक व पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है. दूसरी तरफ सृष्टि के मोबाइल के सहारे भी कांड का अनुसंधान किया जा रहा है. नानी घर पीरपैंती से माता-पिता और मौसरे भाई के साथ छात्रावास आयी थी सृष्टि जानकारी मिली है कि दो दिन पहले सृष्टि अररिया में थी. वहां से वह अपने माता-पिता के साथ पीरपैंती स्थित अपने ननिहाल आयी थी. ननिहाल में एक दिन रहने के बाद उसके माता पिता, मौसेरे भाई के मां विंध्यवासिनी छात्रावास में रविवार को शिफ्ट कराने पहुंचे थे. शिफ्ट कराने के वक्त हॉस्टल में विभिन्न तरह की प्रक्रिया को पूरी करते सृष्टि और उसके माता पिता को सीसीटीवी फुटेज में देखा जा रहा है. हालांकि माता पिता के सामने वह सजह भाव में थी. प्रक्रिया पूरी होने के बाद सृष्टि के माता पिता अररिया के लिए रवाना हो गये. पिता ने बताया कि वे लोग घर पहुंचे भी नहीं थे कि लॉज संचालक द्वारा घटना की सूचना दी गयी, जिसके बाद वे लोग भागलपुर के लिए रवाना हुए. सृष्टि के परिजनों ने बताया कि वह पढ़ने में काफी कुशाग्र बुद्धि की थी और काफी संवेदनशील भी थी. परिवार को सृष्टि से काफी उम्मीदें थी. इसी कारण सृष्टि को पढ़ने के लिए पूरा मौका दिया गया था. अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल था.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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