सावन माह की पवित्र चौथी और अंतिम सोमवारी को लेकर भागलपुर (सिल्क सिटी) पूरी तरह से शिवभक्ति में सराबोर हो गया है. रविवार सुबह से ही शहर के प्रमुख गंगा घाटों पर जल उठाने वाले डाकबम और बोलबम कांवरियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. सुबह से लेकर दोपहर तक शहर की हर सड़क केसरिया परिधान पहने शिवभक्तों से पटी नजर आई. ये सभी कांवरिये गंगाजल लेकर बासुकीनाथ धाम और शहर के विभिन्न प्राचीन शिवालयों में सोमवार को भगवान भोलेनाथ का महाभिषेक करेंगे.
गंगा घाटों पर लगा तांता, एक लाख कांवरियों के गुजरने की उम्मीद
रविवार की अहले सुबह से ही शहर के प्रमुख घाटों—हनुमान घाट, एसएम कॉलेज सीढ़ी घाट, खिरनी घाट, बरारी सीढ़ी घाट और बरारी पुल घाट पर जल संकल्प के लिए कांवरियों का रेला पहुंचना शुरू हो गया था.
प्रशासन और मेला समिति का अनुमान है कि रविवार देर रात तक भागलपुर से एक लाख से अधिक कांवरियों का जत्था जल भरकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेगा. शहर के कांवरिया पथ (एसएम कॉलेज से भोलानाथ पुल और बरारी घाट से तिलकामांझी पथ) पर कांवरियों का अटूट सिलसिला लगातार जारी है.
डीजे की धुन, भजन-कीर्तन और लहराता तिरंगा
कांवरिया पथ का नजारा बेहद अद्भुत और ऊर्जा से भरपूर है.
केसरिया वस्त्र धारण किए शिवभक्त डीजे की भक्तिमय धुनों और पारंपरिक भजन-कीर्तनों पर झूमते-नाचते आगे बढ़ रहे हैं. पूरे रास्ते में 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयकारे गूंज रहे हैं. स्वतंत्रता दिवस के उल्लास को समेटे कई कांवरिये अपने हाथों में गर्व से तिरंगा लहराते हुए भी यात्रा कर रहे हैं, जो देशभक्ति और शिवभक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है.
स्थानीय शिवालयों में भी जलाभिषेक की बड़ी तैयारी
बासुकीनाथ धाम के अलावा भागलपुर के स्थानीय शिवालयों में भी जलाभिषेक को लेकर भारी उत्साह है.
डाक बम परशुराम परदेसी ने बताया कि भागलपुर से जल उठाने वाले अनेक डाकबम गोनू धाम, भय हरण बाबा, ज्येष्ठोर नाथ बाबा, भूतनाथ बाबा और मनसकामना नाथ बाबा मंदिर में भी सोमवार को जलार्पण करेंगे.
मंदिरों में विशेष श्रृंगार और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
चौथी सोमवारी को लेकर शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में भव्य तैयारियां की गई हैं:
- बूढ़ानाथ मंदिर: मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है. प्रबंधक बाल्मिकी सिंह ने बताया कि सोमवार को बाबा का विशेष और मनमोहक श्रृंगार किया जाएगा.
- आदमपुर शिवशक्ति मंदिर: यहां दो क्विंटल गन्ने (ईख) के रस और पंचामृत से भगवान शिव का महारुद्राभिषेक होगा.
- भूतनाथ मंदिर: श्रद्धालु तिरूपतिनाथ के अनुसार, बाबा का श्रृंगार कोलकाता और बेंगलुरु से मंगाए गए स्पेशल मल्टीकलर गुलाब के फूलों से किया जाएगा.
- राणी सती मंदिर: यहां भी भगवान शिव के विशेष श्रृंगार की व्यवस्था की गई है.
सुरक्षा व्यवस्था: कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए बूढ़ानाथ, आदमपुर शिव शक्ति, कुपेश्वरनाथ, भूतनाथ और मनसकामना नाथ मंदिरों में पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई है. साथ ही चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
