Shravani Mela: सुलतानगंज में चल रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है. छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शनिवार को सुलतानगंज पहुंचकर उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान किया, गंगाजल भरा और बाबाधाम के लिए रवाना होने से पहले कहा कि श्रावणी मेला केवल राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय दर्जे का भी हकदार है. उनका यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि श्रावणी मेला हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है और इसे दुनिया के सबसे लंबे धार्मिक मेलों में गिना जाता है.
28 वर्षों से बाबा के दरबार में आ रहे हैं मंत्री
सुलतानगंज में गंगा स्नान के बाद मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बाबा अजगैवीनाथ और बाबा वैद्यनाथ की कृपा से वे पिछले 28 वर्षों से लगातार बाबाधाम आते रहे हैं. इस बार भी उन्होंने छत्तीसगढ़ की खुशहाली और समृद्धि की कामना के साथ गंगाजल भरा और करीब 100 सहयोगियों के दल के साथ देवघर के लिए प्रस्थान किया.
उन्होंने बताया कि बाबा अजगैवीनाथ में जलार्पण करने के बाद उनका दल बाबा वैद्यनाथ धाम और बाबा बासुकीनाथ मंदिर में भी जलाभिषेक करेगा.
"श्रावणी मेला को मिलना चाहिए राष्ट्रीय दर्जा"
प्रभात खबर से बातचीत में मंत्री ने श्रावणी मेला को राष्ट्रीय दर्जा देने की जोरदार पैरवी की. उन्होंने कहा कि यह मेला विश्व के सबसे बड़े और सबसे लंबे धार्मिक आयोजनों में शामिल है. उनके अनुसार, इसकी धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्ता इतनी व्यापक है कि इसे केवल राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिलनी चाहिए.
उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार श्रावणी मेला को राष्ट्रीय दर्जा देने की दिशा में सकारात्मक पहल कर सकती है.
सुलतानगंज और देवघर की अर्थव्यवस्था से जुड़ा है मेला
श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार और झारखंड की स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण आधार है. सुलतानगंज से देवघर तक की कांवर यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु यात्रा, भोजन, ठहरने, परिवहन, पूजा सामग्री और स्थानीय बाजारों पर खर्च करते हैं. इससे हजारों छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, होटल संचालकों, वाहन चालकों और अस्थायी रोजगार से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित होती है.
मंत्री के बयान से यह मांग फिर चर्चा में आ गई है कि यदि मेले को राष्ट्रीय दर्जा मिलता है, तो केंद्र सरकार से अतिरिक्त वित्तीय सहायता, बेहतर बुनियादी ढांचा, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और पर्यटन विकास की नई संभावनाएं खुल सकती हैं.
Shravani Mela: मेला व्यवस्था में सुधार का भी किया जिक्र
श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बाबा के दरबार में जलार्पण के बाद उन्हें समाजसेवा के लिए नई ऊर्जा और संबल मिलता है. उन्होंने सुलतानगंज के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि गंगा तट के विकास के लिए कार्ययोजना बनाई गई है और इस बार श्रावणी मेला की व्यवस्था में भी पहले की तुलना में काफी सुधार दिखाई दे रहा है.
सुलतानगंज में हुआ स्वागत
बाबाधाम के लिए रवाना होने से पहले मारवाड़ी युवा मंच शाखा, सुलतानगंज ने महर्षि मेंहि विश्रामालय सह रामुका विवाह भवन में मंत्री का स्वागत किया. इस अवसर पर बांका सांसद प्रतिनिधि पवन केसान, सुनील रामुका, राजेश रामुका सहित मंच के कई सदस्य उपस्थित रहे.
श्रावणी मेला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की मांग लंबे समय से उठती रही है. अब एक राज्य के वरिष्ठ मंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से इसका समर्थन किए जाने के बाद यह मुद्दा फिर से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आने की संभावना है.
