bhagalpur news. ड्यूटी से गायब डॉक्टर को सात दिनों का समय, नहीं तो देना होगा 25 लाख का जुर्माना

बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने एक चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से काम पर लौटने का निर्देश दिया है.

बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने एक चिकित्सा पदाधिकारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से काम पर लौटने का निर्देश दिया है. विभाग की विशेष कार्य पदाधिकारी रेणु कुमारी ने भागलपुर सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी (बॉन्ड) डॉ नीतीश कुमार को पत्र जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डॉ नीतीश कुमार तीन नवंबर, 2024 से बिना किसी सूचना के लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं. सिविल सर्जन द्वारा इस संबंध में विभाग को जानकारी दी गयी थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गयी है. विभाग की सख्त चेतावनी स्वास्थ्य विभाग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों से पीजी या डिप्लोमा उत्तीर्ण करने वाले डॉक्टरों के लिए राज्य में अनिवार्य बॉन्ड सेवा प्रदान करना आवश्यक है. यदि कोई डॉक्टर इस सेवा को पूरा नहीं करता है, तो उसे राज्य सरकार को 25 लाख रुपये की राशि एकमुश्त वापस करनी होगी. विभाग द्वारा दिये गये निर्देश डॉ नीतीश कुमार को सात दिनों के भीतर अपने पदस्थापित संस्थान, सदर अस्पताल, भागलपुर में योगदान करना अनिवार्य है. यदि वे बॉन्ड अवधि पूरी करने के लिए ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं, तो उन्हें 25 लाख रुपये की राशि जमा करनी होगी. ऐसा नहीं करने की स्थिति में विभाग द्वारा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

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