विवि सांस्कृतिक परिषद : तीन माह से सचिव पद खाली, कैलेंडर तक नहीं हुआ जारी

तीन माह से सचिव पद खाली

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय का सांस्कृतिक परिषद बिना सचिव के ही चल रहा है. कैलेंडर तक जारी नहीं हुआ है. करीब पांच साल से विवि में सांस्कृतिक परिषद की गतिविधि ठप है. ऐसे में विवि के छात्र-छात्राएं सांस्कृतिक कार्यक्रम से दूर हो रहे. विवि प्रशासन भी सांस्कृतिक परिषद के तहत होने वाले कार्यक्रम को भूल चुके हैं. दरअसल, परिषद की सचिव रही प्रो निशा झा अब एसएम कॉलेज में प्राचार्य पद पर कार्यरत है. प्रो झा अगस्त से ही प्राचार्य पद पर सेवा दे रही है. बताया जा रहा है कि वर्ष 2019 में इंटर कॉलेज सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इसके बाद से आयोजन नहीं किया गया है. दूसरी तरफ विवि के तत्कालीन कुलपति प्रो जवाहर लाल ने सांस्कृतिक परिषद को धरातल पर लाने के लिए बड़ी-बड़ी बात कही थी, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं किया गया. विवि से आखिरी वार 2019 में सांस्कृतिक परिषद की टीम गयी थी बाहर विवि की सांस्कृतिक परिषद की टीम आखिरी बार 2019 में भाग लेने दूसरे विवि गयी थी. इसके अंतर्गत इंटर विवि तरंग प्रतियोगिता में भाग लेने पाटलिपुत्रा विवि गयी थी. इससे पहले 2018 में दरभंगा विवि में आयोजित तरंग प्रतियोगिता में भाग लिया था. इसमें विवि के छात्र-छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी व मेडल तक जीत कर विवि में नाम रोशन किया था. प्रतिभा दिखाने का नहीं मिल रहा मौका विवि के छात्र-छात्राओं ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि इंटर कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन नहीं होने से प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिल रहा है. ऐसे में उनलोगों को आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म नहीं मिल पा रहा है. बताया जा रहा है कि इंटर कॉलेज सांस्कृतिक कार्यक्रम होने से पीजी स्तर व कॉलेजों में सांस्कृतिक परिषद से जुड़े रहते हैं. क्लासिकल म्यूजिक से दूर हुए छात्र विवि के पूर्व अधिकारी ने बताया कि इंटर कॉलेज सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत छात्रों के बीच क्लासिकल म्यूजिक, शास्त्री, उप शास्त्री, लोक संगीत आदि का आयोजन होता है. इसके अलावा वाद-विवाद, निबंध लेखन, चित्रकला आदि स्पर्धा आयोजित होती थी, लेकिन इसका आयोजन सालों से नहीं होने पर क्लासिकल म्युजिक सहित अन्य विधाओं से विद्यार्थी दूर हो रहे हैं. पूर्व कुलपति ने कमेटी में किया था बदलाव विवि के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता ने सांस्कृतिक परिषद में बदलाव किया था. नये शिक्षकों को जोड़ा गया था. बताया जा रहा कि नौ सदस्य वाली परिषद बनी थी. प्रो गुप्ता के जाने के बाद परिषद की एक बार भी बैठक नहीं हुई. कल्चर नाम पर विद्यार्थियों से ली जाती है राशि स्नातक व पीजी में नामांकन के दौरान कल्चर मद में छात्रों से राशि ली जाती है, लेकिन कार्यक्रम के लिए विवि के पास राशि का अभाव है. बताया जा रहा है कि कॉलेजों से भी इस मद का हिसाब विवि को उपलब्ध नहीं कराया गया है. कोट सांस्कृतिक परिषद के गतिविधि को लेकर प्रभारी कुलपति को अवगत कराया जायेगा. परिषद के सचिव पद खाली है. इसकी भी जानकारी उन्हें दी जायेगी. प्रो रामाशीष पूर्वे, रजिस्ट्रार

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Author: ATUL KUMAR

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