सावन महीने की पहली सोमवारी के पावन अवसर पर कहलगांव स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक बाबा बटेश्वरनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. तड़के सुबह 3 बजे से ही "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के उद्घोष के साथ उत्तरवाहिनी गंगा तट और मंदिर परिसर गूंज उठा. बिहार और झारखंड के कोने-कोने से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा नदी में स्नान कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया.
दोपहर तक 50 हजार से अधिक भक्तों ने चढ़ाया जल
बाबा बटेश्वरनाथ धाम के प्रधान पुजारी चंद्रशेखर झा ने बताया कि पहली सोमवारी को लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे:
- भारी भीड़: अहले सुबह 3 बजे से ही कतारबद्ध होकर भक्तों ने जलाभिषेक शुरू कर दिया था. दोपहर 12 बजे तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु जलार्पण कर चुके थे.
- सुगम दर्शन व्यवस्था: महिलाओं और पुरुषों के लिए पूजन सामग्री व जल अर्पित करने हेतु अलग-अलग कतारें और काउंटर बनाए गए थे. साथ ही रुद्राभिषेक के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई थी.
- गंगा तट से निकले कांवरियों के जत्थे: कहलगांव के चारों प्रमुख गंगा घाटों से सुबह से ही कांवरियों के जत्थे बाबा बासुकीनाथ, जागेश्वर नाथ, भदेश्वरनाथ (सदानंदपुर बैसा) और महादेववरन (मिर्जाचौकी) के लिए रवाना होते दिखे.
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट
भीड़ और गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुए अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा:
- घाटों पर बेरिकेडिंग व SDRF: कार्यपालक दंडाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी प्रमुख गंगा घाटों पर बांस-बल्ले से मजबूत बैरिकेडिंग की गई है. पानी में सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम, गोताखोर और आपदा मित्रों को तैनात किया गया है.
- CCTV से निगरानी: नियंत्रण कक्ष (Control Room) से कहलगांव थानाध्यक्ष उमाशंकर स्वयं सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे मेला क्षेत्र और सुरक्षा व्यवस्था की लाइव निगरानी करते रहे.
संध्याकालीन गंगा महाआरती और निशुल्क भंडारा
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्थानीय संस्थाएं भी आगे रहीं:
- गंगा महाआरती: केंद्रीय रेलवे रेल यात्री संघ की ओर से बनारस की तर्ज पर प्रतिदिन संध्याकालीन भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया जा रहा है.
- सेवा शिविर: आयोजक मंडल द्वारा बटेश्वरनाथ धाम पहुंचने वाले शिवभक्तों के लिए निशुल्क चिकित्सा शिविर, शुद्ध पेयजल, शरबत, चाय, भोजन और महाप्रसाद की उत्तम व्यवस्था की गई है.
