घटना स्थल पर लोगों की भीड़

सबौर में बाढ़ के पानी के बीच करंट की चपेट में आई महिला की मौत, चार बच्चों के सिर से उठा मां का साया

भागलपुर के सबौर में बाढ़ का पानी लोगों की जान ले रहा है. शंकरपुर गांव में करंट की चपेट में आने से 32 वर्षीय रितु देवी की मौत हो गई, जिससे उनके चार बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया. यह घटना गांव में बाढ़ की भयावहता को उजागर करती है.

सबौर (भागलपुर). सबौर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव में सोमवार दोपहर बाढ़ के पानी के बीच करंट की चपेट में आने से 32 वर्षीय महिला की मौत हो गयी. मृतका की पहचान शंकरपुर निवासी अखिलेश मंडल की पत्नी रितु देवी के रूप में हुई है. घटना के समय गांव और घर में बाढ़ का पानी जमा था. हादसे के बाद गांव में मातम का माहौल है.

बच्ची की चीख सुनकर कमरे से बाहर निकली थी रितु देवी

परिजनों के अनुसार घटना के समय रितु देवी घर में मौजूद थी. इसी दौरान उसकी गोतनी रीता देवी की बेटी आरुषि कुमारी के चीखने की आवाज सुनाई दी. आवाज सुनकर रितु देवी कमरे से निकलकर बच्ची की ओर दौड़ी.

बताया गया कि आरुषि कुमारी भी इसी दौरान करंट की चपेट में आकर गिर गयी थी. रितु देवी बच्ची को देखने के लिए जैसे ही कमरे के दरवाजे के पास पहुंची, वह लोहे के दरवाजे से सट गयी.

लोहे के दरवाजे से सटते ही लगा तेज करंट

परिजनों का कहना है कि लोहे के दरवाजे से सटते ही रितु देवी को तेज बिजली का झटका लगा और वह मौके पर ही गिरकर बेहोश हो गयी. कुछ देर बाद रीता देवी वहां पहुंची तो उसने रितु देवी और आरुषि को जमीन पर गिरा देखा. इसके बाद रीता देवी ने शोर मचाकर घर के अन्य लोगों को बुलाया. परिजनों ने तत्काल बिजली का कनेक्शन काटा और दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला.

बच्ची की हालत ठीक, महिला को मायागंज में मृत घोषित किया

घटना के बाद ग्रामीण चिकित्सक को बुलाकर दोनों का इलाज शुरू कराया गया. जांच के बाद आरुषि कुमारी की स्थिति ठीक बतायी गयी, लेकिन रितु देवी अचेत थी. उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे तत्काल जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मायागंज लेकर पहुंचे. अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद रितु देवी को मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलने पर जेएलएनएमसीएच मायागंज स्थित बरारी कैंप थाने की पुलिस ने शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी.

चार बच्चों के सिर से उठा मां का साया

रितु देवी की मौत से परिवार पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है. मृतका के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन लड़के और एक लड़की शामिल हैं. सबसे बड़े बच्चे की उम्र करीब 13 वर्ष बतायी गयी है.

ग्रामीणों के अनुसार मृतका का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है. अचानक हुई मौत के बाद बच्चों की परवरिश और भविष्य को लेकर परिवार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी है.

ग्रामीणों ने कहा, आठ सितंबर से बाढ़ की मार झेल रहा गांव

ग्रामीण कृपाल मंडल, भोला मंडल, पलकधारी मंडल, बिशन मंडल, दिनेश मंडल समेत अन्य लोगों ने बताया कि शंकरपुर गांव के लोग आठ सितंबर से बाढ़ की समस्या झेल रहे हैं. घरों में पानी जमा होने के कारण ग्रामीणों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव में बाढ़ का पानी जमा नहीं होता तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती. उन्होंने प्रशासन से मृतका के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए समुचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि परिवार को इस विपत्ति की घड़ी में आर्थिक सहायता मिल सके.

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लेखक के बारे में

By ऋषव मिश्रा कृष्णा

ऋषव मिश्रा कृष्णा प्रिंट माध्यम में पिछले 22 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के भागलपुर कार्यालय में काम कर रहे हैं. फिल्म, शिक्षा और गीत लेखन में रुचि रखते हैं.

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