Bhagalpur News. नये पोल में लगने लगा जंग, डीबी बॉक्स जलने पर मुख्य लाइन से जोड़ दे रहा घरों की बिजली

नये बिजली के पोल लगने लगा जंग.

बिजली विभाग. बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार कार्य का डेडलाइन मार्च 2026, समय पर काम पूरा होने की उम्मीद नहीं

सिटी में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए शुरू किया गया प्रोजेक्ट तीन साल बाद भी अधूरा है. कार्य करने वाली एजेंसी ने अबतक बिजली विभाग के प्रोजेक्ट ऑफिस को प्रगति रिपोर्ट तक नहीं सौंपा है और विभागीय अधिकारी भी रिपोर्ट लेने की पहल नहीं कर पाये हैं. इस वजह से यह पता नहीं चल पा रहा कि कार्य कितना पूरा हुआ और कितना बाकी है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि क्लोजर रिपोर्ट तब मिलेगी जब प्रोजेक्ट फाइनल हो जायेगा, लेकिन मार्च 2026 की डेडलाइन पर काम पूरा होने की संभावना ना के बराबर है. प्रोजेक्ट 2023 में शुरू हुआ था, जिसमें खुले तारों को कवर्ड वायर में बदलना, नयी लाइन खींचना, अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर और इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करना शामिल था. वहीं, एजेंसी अब टाइम एक्सटेंशन लेने की तैयारी कर रही है.

इस बीच पोल पर लगे डीबी बॉक्स खराब होने लगे हैं. अगर जांच करायी जाये, तो हर तीसरे-चौथे खंभे में एक डीबी बॉक्स जल चुका या कमजोर मिलेगा. इसके कारण लाइनमैन सर्विस वायर को डायरेक्ट जोड़कर बिजली चालू कर रहे हैं. इससे आंधी व बारिश के मौसम में घर के बिजली के जलने का खतरा लगा रहता है. वोल्टेज में उतार-चढ़ाव भी होते रहता है. नये गाड़े गये पोल में जंग भी लगने लगा है, जबकि पुराने खंभे वर्षों बाद भी सुरक्षित खड़े हैं.

250 करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट, पैसे की कमी नहीं, फिर भी अधूरा

बिजली सुधार का कार्य 250 करोड़ से अधिक की राशि की है. इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा कराने के लिए पैसे की कोई कमी नहीं होने दी गयी है. कार्य की उपलब्धता के आधार पर बिल का भुगतान होता रहा है. बावजूद, कार्य की प्रगति धीमी रही.

खतरा 11 हजार वोल्ट लाइन से एलटी लाइन को करा रहा कवर

शहरवासियों को सबसे ज्यादा खतरा 11 हजार वोल्ट की लाइन से है लेकिन, वह खुले में है और इसके ठीक नीचे एलटी लाइन को कवर्ड वायर से बदला जा रहा है. इससे यह जाहिर होता है कि जानमाल की चिंता नहीं, टोका फंसा कर चोरी रोकने सिर्फ एक मुख्य उद्देश्य है और इस पर लोगों द्वारा सवाल उठाया जा रहा है.

इन इलाकों में अभी भी कार्य बाकी

स्टेशन रोड, सूजागंज, लोहापट्टी, विजर्सन रूट सहित दर्जनों जगह.

खुद के बचाव में बोले में अभियंता

डीबी बॉक्स की क्वालिटी पहले से स्टैंडर्ड डिसाइड है और उसी हिसाब से एजेंसी लगा रही है. सेक्सेस नहीं हो रहा है, तो उसको ठीक किया जायेगा या बदला जायेगा. यह डिफेक्ट लैबलिटी पीरियड के अधीन होगा, जब प्रोजेक्ट पूरा हो जायेगा. क्लिप की मोटाई नहीं रहने की वजह से लोड के चलते जल जा रहा है. मार्च 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा होने की डेडलाइन निर्धारित है. क्लोजर रिपोर्ट आने पर ही वास्तविक कार्य पता चल सकेगा. एजेंसी टाइम एक्सटेंशन लेने की तैयारी में है.

सर्वेश कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता ( प्रोजेक्ट)विद्युत आपूर्ति अंचल, भागलपुर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >