नवगछिया के रंगरा थाना क्षेत्र में शनिवार की सुबह एक छोटी सी लापरवाही 16 वर्षीय छात्रा के लिए जानलेवा साबित हो सकती थी. ज्ञानी दस टोला में शौचालय जाने के लिए जैसे ही छात्रा ने चप्पल पहनने की कोशिश की, उसमें छिपे जहरीले सांप ने उसके पैर में डस लिया. अचानक सांप के काटने से छात्रा चीखने लगी. आवाज सुनकर परिजन दौड़े और बिना देर किए उसे नवगछिया अनुमंडल अस्पताल लेकर पहुंचे.
अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया. चिकित्सकों के अनुसार छात्रा को अब तक एंटी-स्नेक वेनम की 26 डोज दी जा चुकी है. फिलहाल उसकी स्थिति ठीक बतायी जा रही है, लेकिन जहरीले सांप के काटने के कारण उसे लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है.
सुबह चार बजे चप्पल पहनते ही हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार ज्ञानी दस टोला निवासी पंकज मंडल की 16 वर्षीय पुत्री अंशु कुमारी शनिवार सुबह करीब चार बजे शौचालय जाने के लिए उठी थी. इसी दौरान उसने चप्पल पहनने की कोशिश की.
चप्पल के पास पहले से छिपे सांप के बच्चे ने जैसे ही अंशु के पैर को निशाना बनाया, उसने शोर मचा दिया. छात्रा की आवाज सुनकर घर के लोग तुरंत वहां पहुंचे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजन उसे लेकर नवगछिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचे.
समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण डॉक्टरों ने तत्काल एंटी-स्नेक वेनम देकर उपचार शुरू किया.
परिजनों ने सांप को पकड़कर डिब्बे में किया बंद
घटना के बाद अंशु के परिजनों ने सांप को पकड़ लिया और उसे एक डिब्बे में सुरक्षित बंद कर दिया. इसके बाद वे सांप को भी अपने साथ अस्पताल लेकर पहुंचे.
अंशु के बड़े पापा मनोज मंडल ने बताया कि सांप को इसलिए अस्पताल लाया गया, ताकि डॉक्टरों को उसकी पहचान में मदद मिल सके और इलाज में आवश्यक जानकारी मिल सके.
सांप को देखने के लिए अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ भी जुट गयी. घटना की सूचना वन विभाग को भी दी गयी.
रसाल वाइपर होने का दावा, आधिकारिक पुष्टि बाकी
परिजनों के अनुसार सांप की पहचान रसाल वाइपर के रूप में हुई है. हालांकि, सांप की प्रजाति की आधिकारिक पुष्टि अभी संबंधित विशेषज्ञ या वन विभाग की ओर से किया जाना बाकी है.
जहरीले सांप के काटने की आशंका को देखते हुए चिकित्सकों ने छात्रा को गंभीरता से लेते हुए उपचार और निगरानी जारी रखी है.
26 एंटी-स्नेक वेनम की डोज, डॉक्टरों की निगरानी जारी
अस्पताल के चिकित्सक के अनुसार छात्रा को अब तक एंटी-स्नेक वेनम की 26 डोज दी जा चुकी है. फिलहाल उसकी स्थिति ठीक बतायी जा रही है.
इसके बावजूद डॉक्टर छात्रा को लगातार निगरानी में रख रहे हैं, क्योंकि जहरीले सांप के काटने के बाद मरीज की स्थिति में बदलाव की आशंका बनी रहती है. परिजन भी अस्पताल में छात्रा की हालत पर नजर रखे हुए हैं.
घटना की खबर फैलने के बाद ज्ञानी दस टोला और आसपास के इलाके में जहरीले सांप को लेकर लोगों के बीच दहशत का माहौल है.
चप्पल और जूते पहनने से पहले जरूर करें यह काम
ग्रामीण इलाकों में बारिश और नमी के दौरान सांपों के घरों, आंगन और सामान के आसपास छिपने की घटनाएं सामने आती रहती हैं. ऐसे में जमीन पर रखी चप्पल, जूते या कपड़े पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है.
सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय पीड़ित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए. यही नहीं, सांप को पकड़ने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए. सांप की पहचान जरूरी होने पर सुरक्षित दूरी से फोटो लेना बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि सांप को पकड़ने के दौरान दोबारा काटे जाने का खतरा रहता है.
अंशु के मामले में परिजन उसे समय पर अस्पताल लेकर पहुंचे, जिसके बाद डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया. फिलहाल छात्रा चिकित्सकीय निगरानी में है.
