भागलपुर के उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह ने जिले के विभिन्न प्रखंडों का भ्रमण कर विभागीय विकासात्मक योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त व स्थानीय बाजार व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से प्रत्येक प्रखंड में एक विकसित ग्रामीण हाट की स्थापना को जिला प्रशासन की प्राथमिकता बताया.
इस दौरान नवगछिया के खगड़ा में नवनिर्मित छठ घाट के पास ग्रामीण हाट के चिह्नित जमीन का निरीक्षण किया. समय पर एनओसी नहीं मिलने के कारण शिलान्यास नहीं हो पाया. उन्होंने भूमि की उपयुक्तता, पहुंच मार्ग तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. इस मौके खगड़ा में पौधरोपण किया.
डीडीसी ने कहा कि ग्रामीण हाट स्थानीय व्यापार, रोजगार एवं आजीविका का महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं. इनके समुचित विकास से छोटे व्यापारियों, किसानों एवं फुटपाथ विक्रेताओं को लाभ मिलेगा. बताया कि प्रस्तावित हाटों में स्ट्रीट वेंडरों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं जैसे पक्के शेड, पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा तथा सुव्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वह सम्मान एवं गरिमा के साथ अपना व्यवसाय कर सकें.
इसके पश्चात डीडीसी ने अनुमंडल पदाधिकारी, नवगछिया के साथ जगतपुर झील से जुड़े विकासात्मक कार्यों की समीक्षा की. निर्देश दिया कि सभी लंबित कार्यों में तेजी लाई जाए तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण कर क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित किया जाए.यातायात व सुरक्षा का ध्यान रखने का निर्देश
साथ ही डीडीसी ने खरीक प्रखंड के खरीक बाजार का दौरा कर हाट के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण किया. कहा कि भूमि चयन के साथ यातायात, सुरक्षा एवं जनसुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हाट का विकास किया जाए, ताकि इसका अधिकतम लाभ आम लोगों को मिल सके. कहा कि हाटों के विकास, जलाशयों के सौंदर्यीकरण एवं अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
